बिहार: मकर संक्रांति आज यानी कि सोमवार को मनाई जा रही है। 77 साल बाद पहली बार ऐसा योग बना है कि इस बार 14 के बजाय 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इसके साथ ही खरमास भी खत्म हो जाएगा। श्रद्धालु सुबह की शुरुआत स्नान-ध्यान से करेंगे। इसको लेकर बाबा गरीबनाथ मंदिर में सुबह पांच बजे विशेष पूजा-अर्चना के बाद महाआरती होगी। उसके बाद पूरे दिन श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे। प्रधान पुजारी विनय कुमार पाठक ने कहा कि सुबह की महाआरती के बाद हर दिन की तरह शाम को विशेष पूजा-महाआरती होगी। इसके अलावा सभी मठ-मंदिरों में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेगें।

सूर्योदय से पहले स्नान करना रहेगा शुभ
मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व होता है, लेकिन सूर्योदय से पहले इस दिन कुछ खास वस्तुओं से स्नान किया जाए तो वह भी ज्यादा असरदार साबित होता है। तिल आदि के दान से मनोवांछित फल की प्रप्ति होती है और सूर्य की आराधना से उनका जीवनकाल हमेशा ऊंचाई पर जाएगा।
जनवरी से दिसंबर तक 68 विवाह मुहूर्त
पंडित प्रभात मिश्र ने बताया कि जनवरी, फरवरी व मार्च में कुल 37 वैवाहिक मुहूर्त हैं। वहीं, जनवरी से लेकर दिसंबर 68 वैवाहिक मुहूर्त, जिसमें रात्रि व दिवा लग्न शामिल हैं। 14 मार्च से सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद खरमास आरंभ हो जाएगा। इस कारण वैवाहिक-मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे।

15 मार्च के बाद 15 अप्रैल तक वैवाहिक लग्न नहीं
18 अप्रैल से वैवाहिक लग्न फिर शुरू होंगे। 29 अप्रैल से शुक्र अस्त हो जा जाएंगे। शुक्र का उदय 28 जून को होने से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। देवशयनी एकादशी 17 जुलाई को मनाई जाएगी। इसके बाद 18 जुलाई से चातुर्मास शुरू होने से मांगलिक कार्य नहीं होंगे। देवोत्थान एकादशी तुलसी विवाह 12 नवंबर को मनाया जाएगा। इसके साथ मांगलिक शुरू हो जाएंगे।
जनवरी– 16, 17, 18, 20, 21, 22, 27, 28, 29, 30, 31,
फरवरी—1, 2, 3, 4, 5, 6, 12, 13, 14, 17, 18, 19, 24, 25, 26, 27, 29
मार्च – 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 11, 12
अप्रैल– 18, 19, 20, 21, 23, 24, 25
जुलाई- 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16
नवंबर- 17, 18, 22, 23, 24, 25, 26
दिसंबर-2, 3, 4, 5, 9, 10, 11, 13, 15, 16