बिहार : तीन साल के लंबे इंतजार के बाद ही बीपीएससी शिक्षकों को दूसरे जगह जाने (स्थानांतरण) का मौका मिलेगा। यानी तीन साल बाद बीपीएससी से चयनित पहले चरण के 3503 और दूसरे चरण के 1967 शिक्षकों का स्थानांतरण संभव हो पाएगा। तब तक सभी शिक्षक ग्रामीण क्षेत्रों में बने रहेंगे।जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि तीन साल तक बीपीएससी के शिक्षकों का कहीं भी स्थानांतरण नहीं होगा। राज्यकर्मी की जो पॉलिसी है, उसी के आधार इनका भी ट्रांसफर पोस्टिंग की जाएगी।
वहीं नियोजित शिक्षकों का ट्रांसफर पोस्टिंग का काम साक्षमता परीक्षा के बाद शुरू किया जाएगा। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों के जाने की वजह से शहरी क्षेत्र में शिक्षकों का अभाव हो गया है। भागलपुर शहर के नगर निगम क्षेत्र की बात करें तो यहां के स्कूलों में 50 प्रतिशत शिक्षकों की कमी आई है।

नियोजित शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा देनी होगी फिर होगा ट्रांसफर
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नियोजित शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। जिस विभाग को भेजा जाएगा। उसके बाद सभी नियोजित शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा देनी होगी। जिसमें वह पास करेंगे, तो उन्हें राज्य कर्मी का दर्जा मिलेगा। फिर उनकी ट्रांसफर पोस्टिंग राज्यकर्मी के अनुसार की जाएगी। विभागीय सूत्रों की माने तो सब कुछ सही रहा तो मार्च महीने से नियोजित शिक्षकों का ट्रांसफर पोस्टिंग शुरू हो जाएगा।