बिहार में बारिश के साथ अभी जारी रहेगा ठंड का सितम, अलर्ट जारी

अगर आप पिछले तीन-चार दिनों की धूप देखकर अपने रजाई-कंबल को पैक करने की तैयारी कर रहे हैं तो ठहर जाइए। बिहार का मौसम फिर से बदल रहा है। मौसम विभाग अगले तीन दिन तक सावधान रहने की अपील है। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए फिर से तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ने के आसार जताए हैं। इतना ही नहीं एक दो स्थानों पर बारिश के भी आसार हैं। यानी आने वाले तीन दिनों में पारा गिर सकता है। अगले तीन दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी होने का पूर्वानुमान है।

Gwalior Weather Update: कड़ाके की ठंड से होगी नए साल की शुरुआत, कोहरा  बढ़ेगा, बारिश के भी आसार - Gwalior Weather Update New Year will start with  severe cold gog will increase

फिर से न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ से कई जिलों में इसका असर देखने को मिला है। यह असर पांच से छह फरवरी के बीच हिमालय क्षेत्र से गुजरेगी। इसके गुजरने के बाद एक बार बिहार में फिर से न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। इससे लोगों को ठंड महसूस होने के आसार प्रतीत हो रहे हैं। पिछले 12 जनवरी के बाद से लगातार मौसम ने लोगों को परेशान कर रखा था। ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या ही पूरी तरह ठप पड़ गए थी।

जानिए, इन जिलों का तापमान
इधर, तीन दिनों से मौसम में लगातार सुधार होने से लोगों ने काफी राहत महसूस की है। वहीं दूसरी तरफ सुबह और शाम के ठंड में भी काफी कमी देखी जा रही है। राजधानी पटना के अधिकतम तापमान में पिछले एक सप्ताह मे दुगने से भी अधिक की वृद्धि हुई है। मुजफ्फरपुर में 11 डिग्री सेल्सियस, गया में 7 डिग्री सेल्सियस, पूर्णिया में 8 डिग्री सेल्सियस और भागलपुर में 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी मौसम में दर्ज की गई है। मौसम विभाग की माने तो 3 फरवरी शनिवार को अधिकांश शहरों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पटना के अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। पटना का न्यूनतम तापमान 12.2 और अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading