पटना : नीट 2024 के लिए छात्रों के पास मात्र 80 दिन शेष रह गए है। ऐसे में मेडीकल की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि अंतिम समय में अपने तैयारी को अंतिम रूप कैसे दें। छात्रों के इन्हीं उलझनों को सुलझाने के लिए गोल इन्स्टीट्यूट द्वारा पटना के गाँधी मैदान के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में सेमीनार का आयोजन किया गया। जिसमें गोल के एक्सपर्टस के साथ-साथ गोल संस्थान के पूर्ववर्ति सफल छात्रों ने नीट 2024 की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। जहां हजारों छात्र एवं अभिभावक सम्मिलीत हुए। छात्रों को संबोधित करते हुए गोल इन्स्टीट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर विपिन सिंह ने अपने सुझाव छात्रों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में छात्रों को संयमीत होकर अपने लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करने से ही सफलता सुनिश्चित होगी।

ऐसे में समय को पूर्ण रूप से प्रयोग करते हुए कम से कम दस घंटे या उससे भी अधिक पढ़ाई के लिए निकालें। अपने आप को हमेशा सकरात्मक रखें, आत्म विश्वास के साथ प्रयास करें। इसके लिए एनसीईआरटी की पुस्तक का चयन करें। इसके जितने भी अध्याय हैं सभी को अच्छे से पढ़ जाए, अभ्यास करें। जिन पृष्ठों को हल करने में संशय उत्पन्न हो तुरंत शिक्षक की मदद लें। आप जितना सक्षम हो सभी अध्याय का निरंतर अभ्यास करते रहें। और सबसे ख़ास बात हमेशा किसी जानकार व्यक्ति दिशा का निर्देश को फॉलो करें।
छात्रों को सफलता का महत्वूपर्ण टिप्स देते हुए गोल इन्स्टीट्यूट के असिस्टेंट डायरेक्टर रंजय सिंह ने कहा कि अंतिम समय में छात्र किसी नए पुस्तक को पढ़ने से बचें एवं अपने निगेटीव स्कोर को कम करने के लिए पर्याप्त रिविजन एवं प्रैक्टिस करें। प्रत्येक दिन छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर उसे एचीव करने से बड़ा लक्ष्य आसानी से पा सकते हैं। योगा प्राणायाम एवं सकारात्मक सोच से अपने तन एवं मन को स्वस्थ रखते हुए पढ़ाई करें। अंतिम समय में पर्याप्त निंद लें एवं प्रत्येक दिन उसे पिछले दिन से बेहतर बनाने का प्रयास करें।

गोल इन्स्टीट्यूट में पढ़ाई कर सफलता पाकर पटना मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे अंकुर, मंसूर अली, स्नेहा कुमारी, सिद्धी, शिवम कुमारी एवं इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज, पटना में पढ़ रहे प्रभात रंजन, रणविजय एवं अमन ने पिछले वर्ष तैयारी के दौरान के अपने अनुभवों को साझा किया एवं कहा कि गोल संस्थान द्वारा मिल रहे दिशा निर्देश को अगर ईमानदारी पूर्वक फॉलो करें तो सफलता सुनिश्चित है।
गोल इन्स्टीट्यूट के आरएनडी हेड आनन्द वत्स ने टाइम मैनेजमेंट के महत्व को समझाते हुए कहा कि प्रकृति ने सभी छात्रों को दिन रात मिलाकर 24 घंटे का बराबर समय दिया है। इसी समय से जो छात्र ज्यादा समय इस्तेमाल कर लेते हैं वे सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँच जाते हैं।छात्रों के बीच गौरव सिंह, संजीव एवं विनित ने भी अपने महत्वपूर्ण अनुभवों को साझा किया और बताया कि गोल इन्स्टीट्यूट छात्रों को सफलता दिलाने के लिए हर संभव मदद करने को प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम में गोल संस्थान के निकेत वर्धन, संजित कुमार (पिण्टू), राहुल आदि उपस्थित रहें।