पटना की सड़कों पर डीजल वाली सिटी बस और ऑटो के परिचालन पर रोक लगने के बाद अब डीजल से चलने वाली स्कूल बसों की बारी है. डीजल वाली स्कूल बसों की भी छुट्टी की तारीख सामने आ गई है. राजधानी की सड़कों पर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए डीजल से चलने वाली स्कूल बसों को बैन करने की तैयारी चल रही है. पटना नगर निगम के साथ ही फुलवारी शरीफ, खगौल और दानापुर नगर परिषद् क्षेत्र में डीजल से चलने वाली स्कूल बसों पर रोक लगा दी गई है. इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी हो गई है.

इस तारीख से नहीं चलेगी यह गाड़ी
शहर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करने के मकसद से पटना नगर निगम के साथ ही फुलवारी शरीफ, खगौल और दानापुर नगर परिषद् क्षेत्र में 1 सितंबर से डीजल वाली स्कूल बसें नहीं चलेंगी. 31 अगस्त तक इन बसों को सीएनजी या इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट कराने की मोहलत दी गई है. आपको बता दें कि फिलहाल राजधानी में डीजल वाली सिटी बसों और ऑटो के परिचालन पर पहले ही रोक लग चुकी है. इस रोक से अब तक स्कूल बस और सरकारी गाड़ियां वंचित थे. लेकिन स्कूल बस को भी इस रोक का हिस्सा बना दिया गया है. फिलहाल पटना में पटना, फुलवारी, खगौल और दानापुर में करीब 1100 डीजल वाली स्कूली बसें चल रही हैं. ये बसें शहर के हर गली मोहल्ले में धुआं फैलाते हुए गुजरती हैं. हालांकि अभी जुर्माने का निर्धारण नहीं हुआ है.

प्रदूषण कम करने के लिए डीजल गाड़ियों को करना होगा बंद
प्रदूषण एक्सपर्ट रविरंजन सिन्हा बताते हैं कि एक लीटर डीजल में 720 ग्राम कार्बन की मात्रा होती है, जिसके जलने से करीब 2.6391 किलोग्राम सीओ (कार्बन मोनो ऑक्साइड) और सीओटू (कार्बन डाइऑक्साइड) निकलता है. इसके अलावा डीपीएम, एसओटू, एनओएक्स और एचसी का भी उत्सर्जन होता है. जिससे बच्चों सहित आम लोगों के सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. इसपर नियंत्रण करने के लिए सभी डीजल गाड़ियां बंद करनी होगी.
