पटनाः बिहार विधानसभा का बजट सत्र राजनीतिक उलट फेर के लिए जाना जाएगा. बजट सत्र के दौरान दल बदल का खेल लगातार जारी है. महागठबंधन के विधायक तेजी से एनडीए का रुख कर रहे हैं और ये सिलसिला थमने वाला नहीं है. ये दावा किया है हम के संयोजक जीतन राम मांझी ने, एक न्यूज एंजेसी को दिए अपने बयान में मांझी ने कहा है कि अभी चार विधायक और एनडीए में शामिल हो सकते हैं, जिनमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के दो-दो विधायक हैं.

मांझी ने की सीएम नीतीश के कामों की तारीफ
जीतन राम मांझी यहीं नहीं रुके, उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि एनडीए में शामिल होकर नीतीश जी ने अच्छा काम किया है. वह पिछले कुछ दिनों से परेशान थे. उन्होंने बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति की ओर भी इशारा किया था. इसलिए, उन्होंने एनडीए के साथ हाथ मिला लिया और सरकार बनाई. ऐसा उन्होंने बिहार के लोगों के हित में किया है.

एनडीए में शामिल हो रहे महागठबंधन के नेता
आपको बता दें कि बिहार में एनडीए की नई सरकार बनने के बाद महागठबंधन के विधायकों के पाला बदलने का जो सिलसिला शुरू हुआ वो आज भी जारी है. सबसे पहले फ्लोर टेस्ट के दिन राजद के तीन विधायक नीलम देवी, चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव विधानसभा में जाकर एनडीए में शामिल हो गए. उसके बाद मंगलवार को महागठबंधन के तीन और विधायक आरजेडी की संगीता कुमारी और कांग्रेस के दो विधायक मुरारी गौतम और सिद्धार्थ एनडीए खेमे में बैठ गए.

महागठबंधन में मची भगदड़ बीजेपी का खेला!
वहीं दूसरी तरफ फ्लोर टेस्ट से पहले भाजपा और जदयू के कुछ विधायकों ने भी बगावत की थी और विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से गायब हो गए थे और राष्ट्रीय जनता दल ने उन विधायकों को अपने पक्ष में लाया था, लेकिन विश्वास प्रस्ताव के बाद ज्यादातर विधायक एनडीए के साथ आ गए. इसका पूरा-पूरा नुकसान महागठबंधन को होता दिख रहा है. बीजेपी का साफ कहना है कि खेल हमने शुरू नहीं किया था, राष्ट्रीय जनता दल की ओर से खेल शुरू हुआ था. खत्म हम करेंगे.