बिहार: बीते करीब एक दशक से बिहार की राजनीति में सक्रिय मुकेश सहनी एक बार फिर लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। चर्चा है कि सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी को लोकसभा चुनाव में तीन सीटों पर किस्मत आजमाने का मौका मिलेगा। मुकेश सहनी खुद को सन ऑफ मल्लाह बताते हैं। वे बिहार में निषाद जाति के लिए आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे लगातार निषादों को मध्य में रखकर बिहार में अपनी पार्टी को पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन अंतिम समय में सहयोगी उन्हें झटका दे जाते हैं।

मुकेश सहनी 2018 से राजनीति में सक्रिय
सहनी यूं तो 2018 से सक्रिय राजनीति में हैं, लेकिन इतने सालों में एक बार राज्य सरकार में मंत्री बनने के सिवा उन्हें राजनीति में कुछ खास सफलता मिल नहीं पाई है। अब एक बार फिर वे लोकसभा चुनाव 2024 में महागठबंधन के सहयोगी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने को पूरी तरह से तैयार हैं। पार्टी ने राजद से तीन सीटों की मांग की है। सियासी गलियारों में ऐसी अटकलें और चर्चा है कि उनकी मांगें मान ली गई हैं। सहनी की पार्टी किन तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी, यह अब तक तय नहीं है। संभावना है कि शुक्रवार तक यह भी तय हो जाएगा और लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव स्वयं एलान करेंगे कि मुकेश सहनी की पार्टी बिहार में तीन कौन से लोकसभा चुनाव पर प्रत्याशी उतारेगी। एक सीट पर मुकेश सहनी स्वयं चुनाव लड़ सकते हैं।

सहनी को दूसरा मौका
लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमाने का सहनी का यह दूसरा मौका होगा। इसके पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में सहनी ने महागठबंधन में रहते हुए तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था।

सहनी को महागठबंधन ने खगड़िया, मधुबनी और मुजफ्फरपुर सीट दी थी। लेकिन मुकेश सहनी की पार्टी का जादू इन सीटों पर नहीं चला था। खगड़िया सीट से सहनी ने खुद चुनाव लड़ा था, लेकिन करीब ढाई लाख वोट से लोजपा के उम्मीदवार रहे महबूब अली कैसर से पराजित हो गए थे। वहीं, सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी के मधुबनी और मुजफ्फरपुर सीट के दोनों उम्मीदवारों को भी हार का सामना करना पड़ा था।







