खगड़िया लोकसभा सीट पर महागठबंधन की ओर से सीपीआई (एम) चुनाव लड़ेगी। सीपीआई (एम) ने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। पार्टी के खगड़िया जिला सचिव संजय कुमार के नाम की घोषणा प्रत्याशी के रूप में की गई है। दूसरी ओर, एनडीए की ओर से खगड़िया लोकसभा सीट लोजपा (रामविलास) के खाते में गई है। परंतु यहां से लोजपा (रामविलास) के कौन प्रत्याशी होंगे, अभी तक इसकी घोषणा नहीं हुई है। अब सभी की नजर पार्टी सुप्रीमो चिराग पासवान की ओर है।

महबूब अली कैसर किसके साथ?
मालूम हो कि यहां से लगातार 2014 और 2019 में अविभाजित लोजपा के चौधरी महबूब अली कैसर ने जीत दर्ज की है। पार्टी में विभाजन के बाद चौधरी महबूब अली कैसर राष्ट्रीय लोजपा (पारस गुट) के साथ रहे। परंतु फिलहाल चिराग पासवान के नजदीकी माने जा रहे हैं। वे खगड़िया लोकसभा सीट से ‘हेलीकॉप्टर’ के सहारे हैट्रिक लगाने की जुगत में हैं।

टिकट की दौड़ में रेणू कुशवाहा
दूसरी ओर, लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रेणू कुशवाहा भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं। वे समता पार्टी (बाद में जदयू) से खगड़िया लोकसभा का (1999-2004) प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। तीन बार मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज (अब बिहारीगंज) विधानसभा सीट से विधायक रहीं हैं। बिहार सरकार में मंत्री भी रही हैं। लोजपा में विभाजन के बाद संकट के समय वे चिराग पासवान के साथ खड़ी रहीं।

शिवराज यादव भी रेस में
लोजपा (रा) के खगड़िया जिलाध्यक्ष शिवराज यादव भी टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं। वे पटना में कैंप कर रहे हैं। पार्टी-संगठन में उनकी पैठ है। खगड़िया जिले के एक विधायक भी टिकट पाने के दौड़ में शामिल हैं। वे 2019 में टिकट पाते-पाते रह गए थे। इधर, भाजपा के एक कद्दावर नेता भी रेस में हैं। उनकी छवि विकास पुरुष की मानी जाती हैं। अब किनको टिकट मिलती है, यह समय के गर्भ में है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान बुधवार को जमुई गए हैं। वहां से लौटने के बाद 28 अथवा 29 मार्च को खगड़िया से पार्टी प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर सकते हैं।







