बिहार की जमुई लोकसभा सीट पर पहले चरण में चुनाव है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की पहली चुनावी जनसभा गुरुवार को इसी सीट पर हो रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। दिवंगत रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान इस सीट से उनकी बनाई लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद हैं। अब 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां से रामविलास के दामाद अरुण भारती चुनाव में उतरे हैं। परिवार के लिए इतना बड़ा मौका है और ऐसे में राहत की बात यह है कि उनके भाई पशुपति कुमार पारस की अपने भतीजे से सुलह हो गई है। पारस ने चिराग पासवान को समर्थन देने की बात कही है और चिराग ने भी चाचा का स्वागत किया है।

समय को नहीं समझ सके थे पशुपति पारस
पशुपति कुमार पारस पिछले महीने तक केंद्र सरकार के मंत्री थे। खुद जाकर इस्तीफा नहीं देते तो अब भी रहते, जैसे बाकी कायम हैं। लेकिन, उन्होंने एनडीए के सीट बंटवारे में अपनी अनदेखी का आरोप लगाते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। इसके अगले दिन वह बिहार आ गए और महागठबंधन से अच्छे प्रस्ताव का इंतजार करते रहे। जब यह प्रस्ताव नहीं आया और महागठबंधन ने सीट बंटवारे की घोषणा कर दी तो फिर पशुपति पारस ने वापस एनडीए के प्रति आस्था जता दी।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए एनडीए के 400 पार अभियान का समर्थन किया। पारस ने अपनी हाजीपुर सीट से इस बार भी चुनाव लड़ने की घोषणा कर रखी थी, जबकि चिराग पासवान का कहना था कि वह अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान की सीट से इस बार चुनाव लड़ना चाहते हैं। दोनों अपनी बात पर अडिग रहे और एनडीए में चिराग की बात मानी गई। इसी के गुस्से में पारस ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था।


