राजनीति के गलियारों में जब-जब लोकसभा चुनाव की चर्चा होती है तो लालू प्रसाद और राबड़ी का गृह जिला गोपालगंज चर्चा में जरूर आता है। इस संसदीय सीट को राजद प्रमुख एक बार फिर पार्टी के लिए जीतना चाहते हैं। इस आरक्षित सीट को राजद ने सहयोगी राजनीति दलों से आपसी सहमति के आधार पर प्राप्त किया है। चर्चा है कि राजद की ओर से गोपालगंज सीट पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र राम चुनाव मैदान में उतरेंगे, जिनका सामना वर्तमान सांसद आलोक कुमार सुमन से होगा।

2004 में भी राजद ने यह सीट अपने नाम की थी
गोपालगंज सीट 2009 से आरक्षित सीट हो गई है। इसके पूर्व ये सामान्य सीट थी। राजद गठन के बाद अपने पहले चुनाव में गोपालगंज संसदीय सीट पर राजद ने अपना उम्मीदवार उतारा। राजद के टिकट पर उतरे लाल बाबू यादव ने कांग्रेस उम्मीदवार काली पांडेय को पराजित कर इस सीट को अपने नाम किया। 2004 में भी राजद ने यह सीट अपने नाम की थी। राबड़ी देवी के भाई अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव ने यहां से जीत प्राप्त की थी। 2009 के चुनाव में यह सीट आरक्षित हो गई और तब भाजपा ने पहली बार यहां से जनक राम को टिकट देकर मैदान में उतारा।

चार जून को सब कुछ हो जाएगा क्लियर
जनक राम ने कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. ज्योति को पराजित किया और जीत अपने नाम कर ली। 2019 का चुनाव इस सीट से जदयू के आलोक कुमार सुमन ने लड़ा। उन्होंने राजद उम्मीदवार सुरेंद्र राम को पराजित किया। इस सीट पर एक बार फिर आलोक कुमार सुमन के मुकाबले राजद सुरेंद्र राम को टिकट देना जा रहा है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद इस सीट पर एक बार फिर जीत चाहते हैं। उनकी मेहनत, रणनीति कितनी सफल होगी यह तो चार जून को ही स्पष्ट हो पाएगा।


