पूर्णिया. बिहार में पूर्णिया लोक सभा सीट से पप्पू यादव नामांकन के लिए रवाना हो चुके हैं. नॉमिनेशन के लिए निकलने से पहले उन्होंने माता-पिता के आवास पर पहुंचकर आशीर्वाद लिया. अपने घर में पप्पू यादव में पूजा अर्चना की और उसके बाद मां शांति प्रिया और पिता चंद्र नारायण प्रसाद का आशीर्वाद लिया. इस दौरान मां शांति प्रिया ने पप्पू यादव का आरती उतार कर और दही मिठाई खिलाकर नामांकन के लिए रवाना किया. इस दौरान पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया की हर मां, पिता और भाइयों सहित सबका सहयोग है.

कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने कहा कि वह नामांकन के लिए जा रहे हैं और माता-पिता का आशीर्वाद उन्हें मिला है. निश्चित ही उनकी जीत होगी. उन्होंने कहा कि लालू यादव का भी उन्हें आशीर्वाद है और सबका आशीर्वाद है. उनके लिए गर्व की बात है कि वह कांग्रेस से हैं और कांग्रेस के साथ हमेशा रहेंगे. बता दें कि पप्पू यादव ने कांग्रेस का झंडा तो जरूर उठा रखा है, लेकिन नामांकन वह एक निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर कर रहे हैं.

पप्पू यादव ने कहा कांग्रेस में जन अधिकार पार्टी का विलय पूर्णिया के टिकट के लिए नहीं हुआ है बल्कि प्रियंका गांधी जी के कहने पर यह विलय हुआ है. प्रियंका जी से हमारी जो बात हुई थी उन्होंने पार्टी में विलय करने के लिए कहा था. वहीं, लालू यादव अड़े हुए थे कि आरजेडी के टिकट पर हम चुनाव लड़ें. पप्पू यादव ने कहा कि हमने विनम्रता से मना कर दिया और कांग्रेस में शामिल हो गया.

पप्पू यादव ने कहा कि मेरा बचपन पूर्णिया में बीता है. मैं चार बार एमपी बना और मेरी मां 32000 से चुनाव हार गई थी. बीच में 20 साल हम यहां नहीं थे तो 10 साल मधेपुरा में थे. पप्पू यादव ने कहा कि अगर ऐसा ही था तो उस बीच में राजद से किसी को टिकट क्यों नहीं मिला, कोई कैंडिडेट यहां क्यों नहीं उतारा. पप्पू यादव ने कहा कि मैं रिश्ते नहीं खोना चाहता और इसका मुझे डर रहता है.

पूर्णिया की हर मां पप्पू यादव की मां हैं. उन्होंने आशीर्वाद दिया है कि वह इस बार 3 लाख वोटो से जीतेंगे. पप्पू यादव के नामांकन समारोह में बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी शामिल हुए और पप्पू यादव जिंदाबाद के नारे लगाते रहे.
