हिंदू धर्म में लोक आस्था का महापर्व छठ व्रत खास है. बिहार में दो बार छठ पर्व मनाया जाता है. जिसमें कार्तिक मास होने वाला और और चैती छठ शामिल है. छठ पर्व करने वालों पर सूर्य की महिमा बनी रहती है और हर मनोकामना पूर्ण होती है. 12 अप्रैल से चैत्र छठ महापर्व का आगाज होने वाला है. 12 अप्रैल को नहाए खाए के साथ इस महापर्व की शुरुआत होगी. जबकि 13 अप्रैल को खरना और 14 अप्रैल को संध्याकालीन अर्घ्य दिया जाएगा. वहीं, 15 अप्रैल को प्रातः कालीन भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ ही इस छठ महापर्व की समाप्ति हो जाएगी.

छठ पर्व नवरात्र के समय ही मनाएं जाते हैं. जैसे कार्तिक में मनाया जाने वाला छठ गुप्त नवरात्र के समय होता है. उन्होंने बताया कि चार नवरात्र होते हैं. जिसमें अश्विन, माघ, चैत्र और अषाढ और दो नवरात्र गुप्त होते हैं. एक कार्तिक और दूसरा जेष्ठया होता है, इसको बहुत कम लोग जानते हैं और यह कम प्रचलित भी है. उन्होंने बताया कि यह व्रत नवरात्र में ही होता है.

पुरुष और महिलाएं दोनों करें यह व्रत
इस व्रत को स्त्री और पुरुष दोनों कर सकते हैं. इस व्रत को पुरुषों को अधिक करना चाहिए, क्योंकि हिंदू धर्म में महिलाएं अधिक पूजा पाठ करती हैं, इसलिए महिलाएं छठ में ज्यादाकरती हैं. छठ पर्व बेहद प्रभावशाली व्रत है. भगवान सूर्य का इस पर्व में विशेष महत्व है, उनकी कृपा पाने के लिए सभी को यह व्रत करना चाहिए.


