बिहार में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में अब एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है। ऐसे में नेताओं ने अपनी बयानबाजी भी तेज कर दी है। वहीं कुछ ऐसे नेता भी हैं जो कि चुनाव नहीं लड़ रहे लेकिन अपनी जमीन तैयार करने में अभी से लग गए हैं। प्रशांत किशोर भी इन्हीं नेताओं में से एक हैं। प्रशांत किशोर लगातार गांव, गली और कस्बे में घूम घूमकर अलग-अलग मुद्दे उठा रहे हैं। इसी क्रम में प्रशांत किशोर ने इस बार किसानों का मुद्दा उठाया है। प्रशांत किशोर ने बताया कि बिहार के किसान आखिर क्यों गरीब हैं? इतनी बदहाली क्यों है?

बिहार के किसान गरीब क्यों हैं? प्रशांत किशोर ने समझाया
प्रशांत किशोर ने कहा कि पंजाब-हरियाणा का किसान खेती करके राजा हो गया और बिहार का आदमी वहां जाकर मजदूरी कर रहा है। बिहार के किसान खेती करके मर रहा है। दरअसल, बिहार में 100 में से 60 लोगों के पास एक धूर जमीन भी नहीं है तो खेती कैसे करेगा। यहां जमीन के नाम पर राजनीति होती है। जो भी जमीन रहती भी है उसे गलत तरीके से हड़प लिया जाता है।

बिहार में 100 में 40 लोग पेट पालने के लिए खेती करते हैं: प्रशांत किशोर
नेताओं ने समाजवाद और समाजिक न्याय की बातें की लेकिन गरीबों को जमीन नहीं दिया। 100 में 40 लोगों के पास 2 बीघा से भी कम जमीन है। जिनके पास 2 बीघा से कम जमीन है वह खेती कमाने के लिए थोड़ी करते हैं, वे तो परिवार का पेट भरने के लिए खेती करते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह कमाने वाली खेती नहीं है यह खाने वाली खेती है।

बिहार में किसान की बेटी का ब्याह लग जाए तो हालत खराब: प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने कहा कि खाने वाली खेती में आपके घर के दूध, तेल और पानी और एक जोड़ साड़ी का जुगाड़ हो जाएगा लेकिन बेटी का ब्याह लग जाए तो फिर हालत खराब हो जाती है। कहां से बेटी की शादी के लिए पैसे जुटाइएगा। आपको एक- दो कट्ठा जमीन बेचनी ही होगी।







