मुजफ्फरपुर: मिठनपुरा चौक रमना स्थित मैनेजमेन्ट कॉलेज “वैशाली इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट” में “इमपैक्ट ऑफ प्राईवेटाइजेशन एण्ड कॉर्मसिएलाइजेशन ऑन इंडियन इकॉनौमी” विषय पर दो- दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जहां मुख्य अतिथि बी०आर०ए० बिहार विश्वविद्यलय के कुलपति डॉ० डी०सी० राय ने दीप प्रज्वलित कर इस संगोष्ठी का शुभारंभ किया। जहां उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारा मौलिक अधिकार है। उन्होंने निजीकरण का विरोध किया किन्तु अन्य क्षेत्रो में निजिकरण का समर्थन किया।
साथ ही विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ० संजय कुमार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मिश्रित होते हुए भी 1991 तक समाजवादी अर्थव्यवस्था की तरफ झुका हुआ बताया। विश्वविद्यालय के महाविद्यालय निरीक्षक (कला) डॉ० प्रमोध कुमार ने अर्थव्यवस्था के निजीकरण एवं व्यवसायीकरण के प्रभावो को धनात्मक एवं ऋणात्मक दोनो ही बताया।

वहीं मंच संचालन डॉ एन० बानो एवं प्रो० चांदनी ने किया। वहीं शैक्षणिक संत्र में अतिथियो का स्वागत डॉ० शुभंकर बोस ने किया तथा संगोष्ठी के समापन पर निष्कर्षो पर एक संक्षिप्त भाषण डॉ० गुंजन कुमार ने दिया। इस दौरान वक्ता के रूप में डॉ० सी०के०पी० शाही, डॉ० डी०के० दास एवं डॉ० ऋषभ रंजन ने अपना अपना विचार प्रस्तुत किया। निजीकरण के संबंध में इनलोगो की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। अन्त में धन्यवाद ज्ञापण संस्थान के प्रशासनिक पदाधिकारी डॉ० अविनाश कुमार द्वारा किया गया।
इस संगोष्ठी में डॉ० एन०पी०एस० नंदा (निदेशक), जितेन्द्र कुमार चौधरी (प्रशासनिक पदाधिकारी विकास संवा संस्थान) डॉ० ए० के विदु, डॉ० एस० के० मुखतार, डॉ० आर०वी०पी० सिह डॉ० अमित कुमार, डॉ० पवन चौधरी, डॉ० कामोद कुमार, डॉ० अमिताभ पाण्डेय, प्रो० शिवम कुमार, विशाल रंजन, मो० अर्शद, आभा कुमारी, रूचि कुमारी, प्रियम एव अन्य गैर शैक्षणिक कर्मचारी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहें।









