हाजीपुर में चिराग पासवान का दौरा लगातार जारी है। इस दौरान एक बार फिर से वह मीडिया से मुखातिब हुए और तेजस्वी यादव पर जमकर बरसे। चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव को बौखलाहट में शब्दों की मर्यादा खोने वाला नेता बताया।

चिराग पासवान ने तेजस्वी पर बोला हमला
तेजस्वी यादव को जब चुनाव की हार दिखाई देने लगती है, तो स्वाभाविक है वह आक्रामकता और बौखलाहट तो दिखाई देगी। शब्दों की मर्यादा जिस तरह से वह खोते जा रहे हैं वह भी एक बड़ा उदाहरण है।

तेजस्वी को फीडबैक तो मिल ही गया होगा
चिराग पासवान ने कहा कि 2014 और 2019 में भी हमने यही देखा। जैसे-जैसे चुनाव का चरण बढ़ते जाते हैं। ऐसे ऐसे इनको अपनी हार का एहसास होने लगता है। उन्होंने कहा कि फीडबैक तो हर किसी को मिल ही जाता है ना। कैसा प्रचार चल रहा है और कैसा रिजल्ट आ रहा है। तो ऐसे में स्वाभाविक है इस तरह की आक्रामकता। कुशवाहा समाज के विरोध में जाने के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि हमारी सोच हमेशा से समावेशी रही है।
हमने कभी जात-पात और धर्म के आधार पर राजनीति नहीं की
चिराग पासवान ने कहा कि हमने कभी भी जात-पात धर्म मजहब देखकर ना राजनीति की ना राजनीतिक सोच रखी है। आज भी बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट कि जब हम बात करते हैं तो यह वही समावेशी विकास की सोच है। जहां पर हम चाहते हैं कि 14 करोड़ बिहारवासी एक साथ आकर बिहार की विकसित बिहार की निर्माण में अपना योगदान दें। ऐसे में हर वह व्यक्ति जो विकसित बिहार का निर्माण करना चाहता है।

सांप्रदायिकता के प्रचार के चलते आरजेडी की ऐसी हालत हो गई
चिराग पासवान ने कहा कि वह हमारे साथ आए उनका स्वागत है, हम सब मिलकर मेरे नेता मेरे पिता स्वर्गीय रामविलास जी के सपने को साकार करने में मदद करें। कई लोग जात-पात धर्म मजहब में बांटने का प्रयास जरूर करते हैं। पर आज उन्हीं के प्रयास से बिहार का ये हालत हो गई है। यही लोग है कि जातीयता और सांप्रदायिकता को अपना आधार मानकर गर्व से उसका प्रचार करते है। हाजीपुर के एक निजी होटल में लालगंज विधानसभा क्षेत्र के अवधेश सिंह ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ चिराग पासवान के पार्टी का दामन थामा। इस दौरान पूर्व सांसद रामा सिंह, पूर्व सांसद प्रतिनिधि अवधेश सिंह, मीडिया प्रभारी संतोष शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।



