लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में सियासी पारा गर्म है, इस बीच पांच चरण का मतदान हो चुका है, वहीं अब जेडीयू नेता जवाहर लाल भारद्वाज ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद बिहार में सियासत और गरमा गई है. बता दें कि, ”त्याग पत्र में उन्होंने जदयू के कुछ शीष नेताओं पर ढुल-मुल रवैया अपनाने और जिला स्तर तक पार्टी में घोर जातिवाद रहने का आरोप लगाया.साथ ही उन्होंने कहा कि, ”इसकी वजह से पार्टी के सवर्ण साथियों को उपेक्षित किया जा रहा है. यह भी आरोप लगाया है कि कार्यकर्ता जब भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो अधिकारी उनको अपमानित करते हैं. इसके अलावा आगे जवाहर लाल भारद्वाज ने कहा कि, ”बेलगाम अफसरशाही से आम जनता त्रस्त है, लेकिन पार्टी का सहयोग नहीं मिलने के डर से कोई भी स्वाभिमानी कार्यकर्ता आवाज उठाने से डरने लगा है.
नीतीश कुमार ने पार्टी का एनडीए से…
आपको बता दें कि आगे जवाहर लाल भारद्वाज ने कहा कि, ”मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी का एनडीए से गठबंधन किया तो जदयू के अधिकांश कार्यकर्ताओं ने जातिवाद कर वर्तमान लोकसभा चुनाव में गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया. कुछ नेताओं ने तो विपक्षी दल को सहयोग तक पहुंचाया. साथ ही आगे उन्होंने कहा कि, ”जदयू कभी सर्वसमाज की पार्टी हुआ करता थी, लेकिन अब यह जाति विशेष का पार्टी बनती जा रही है.” वहीं आगे उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध भी किया है.



