बिहार : ज्येष्ठ माह की शुरुआत होते ही कई व्रतों की भी शुरुआत होने जा रही है. फिलहाल ज्येष्ठ माह में 27 दिन बचे हुए है. इन 27 दिनों में सुहागिनों के लिए वट सावित्री से लेकर गंगा दशहरा तक मनाया जायेगा. इस महीने बचे हुए 27 दिनों में 19 व्रत और कई त्योहार आने वाले हैं. इसके साथ ही शास्त्रों में यह वर्णन है कि ज्येष्ठ के महीने में सूर्य देव, वरुण देव, शनि देव और हनुमान जी की पूजा अर्चना करना बेहद शुभ माना जाता है. साथ ही इस महीने भीषण गर्मी देखने को मिलती है. इस वजह से जरूरतमंदों और पशु-पक्षियों को जल पिलाने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है.
यह महीना विष्णु भगवान को बेहद प्यारा है. ज्येष्ठ में अक्सर गर्मी चरम पर होती है. इस वजह नदी, तालाब, कुएं सभी लगभग सूख जाते हैं. ऐसे में इस महीने जल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है. पशु पक्षियों के लिए घर के छत पर या बाहर किसी बर्तन में जल रखने से पुण्य की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा में स्नान भी करना चाहिए. इससे शरीर को ठंडक और मन को शांति की प्राप्ति होती है.
6 को वट सावित्री
31 मई : शीतला अष्टमी और त्रिलोचन अष्टमी व्रत
2 जून अचला एकादशी
4 जून : प्रदोष व्रत और मास शिवरात्रि
6 जून: ज्येष्ठ अमावस्या, वट सावित्री व्रत
10 जून : उमा चतुर्थी
12 जून: स्कंद षष्ठी और शीतला षष्ठी
14 जून: धूमावती जयंती
15 जून: महेश नवमी और मिथुन संक्रांति
16 जून : गंगा दशहरा
17 जून : निर्जला या भीमसेनी एकादशी (गृहस्थों के लिए)
18 जून : निर्जला एकादशी (वैष्णवों के लिए)
19 जून: बुध प्रदोष व्रत
21 जूनः ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत
22 जून: स्नान दान की पूर्णिमा.






