कमला और बागमती नदी शहरबन्नी को छूती हुई निकलती है। यह भारतीय राजनीति के दिग्गज स्मृति शेष रामविलास पासवान की पैतृक भूमि है। लोजपा (रामविलास) सुप्रीमो चिराग पासवान इस गांव के ही मतदाता हैं। यहां के चप्पे-चप्पे में चिराग पासवान के पिता स्मृति शेष रामविलास पासवान की यादें बिखरी पड़ी हुई हैं। इस लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान हाजीपुर संसदीय सीट से सांसद चुने गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी हैं। इससे शहरबन्नी में चहुं ओर प्रसन्नता व्याप्त हैं।
शहरबन्नी में चिराग ने डाला था वोट
मालूम हो कि बीते सात मई को चिराग पासवान शहरबन्नी आए थे। उन्होंने अपने मतदान केंद्र पर पहुंच मतदान किया था। उस दिन शहरबन्नी स्थित अपने पैतृक घर पर पहुंचकर अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी से भी मुलाकात की थी। चिराग के केंद्रीय मंत्री बनने से राजकुमारी देवी बहुत खुश हैं। मालूम हो कि इस परियोजना के पूरा होने पर शहरबन्नी रेल मार्ग से जुड़ जाएगा। राजकुमारी देवी ने कहा कि चिराग मेरी बात को जरूर मानेंगे। मेरी बात को वह कभी नहीं काटते हैं। चिराग पासवान की शादी के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि जब भी उससे शादी के संबंध में पूछती हूं तो वह हंस देता है।

शहरबन्नी के पैक्स अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव, रामलखन साह, सागर मुखिया ने कहा कि चिराग पासवान से बहुत ही उम्मीद है। अब अलौली और खगड़िया का कायाकल्प होगा। युवा लोजपा (रा) के अलौली प्रखंड अध्यक्ष पिंकेश कुमार पासवान कहते हैं, ”देखते रहिए, अब खगड़िया विकास के मामले में देश के मानचित्र पर उभर कर सामने आएगा।











