मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच में मरीजों के लिए मातृ शिशु अस्पताल और इमरजेंसी में नया बेड बनाया जाएगा. इसके लिए एसकेएमसी के अधीक्षक द्वारा स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है. बीते बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री के साथ सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और अधीक्षक की मीटिंग में एसकेएमसीएच अधीक्षक प्रो. डॉ. कुमारी बिभा ने इसकी मांग रखी थी.
अब जुलाई महीने में होने वाली रोगी कल्याण समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा. अधीक्षक ने अपने प्रस्ताव में दूसरी जगह का चयन कर 200 बेड क्षमता के नए एमसीएच की मांग की है.एसकेएमसीएच में मुजफ्फरपुर के अलावा शिवहर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, समस्तीपुर, वैशाली, बेतिया समेत कई जिलों से मरीज पहुंचते हैं.
हर रोज 500 मरीज आते है
एमसीएच में इमरजेंसी और ओपीडी मिला कर रोजाना 500 से अधिक मरीज आते हैं. इनमें भी 100 से अधिक मरीज प्रतिदिन इमरजेंसी के होते हैं. इलाज के दौरान कई बार गर्भवती को बेड नहीं मिल पाता है. जमीन पर लिटा कर ही उसका इलाज किया जाता है. बेड की भारी कमी देखते हुए एसकेएमसीएच अधीक्षक ने इसका प्रस्ताव भेजा है.

45 बेड का इमरजेंसी वार्ड है
वहीं आपको बता दें कि एसकेएमसीएच में 150 बेड के नए इमरजेंसी भवन के लिए भी प्रस्ताव अधीक्षक ने भेजा है. एसकेएमसीएच में फिलहाल 45 बेड का इमरजेंसी वार्ड है. यहां उत्तर बिहार के कई जिलों से सैकड़ों की संख्या में मरीज पहुंचते हैं. ऐसे मरीजों को कई-कई घंटे तक बेड नहीं मिल पाता है. इमरजेंसी में जमीन पर लिटा कर इलाज करने की मजबूरी होती है. इसी को देखते हुए एसकेएमसीएच अधीक्षक ने विभाग को एम सी एच और एमरजेंसी में बेड बढ़ाने को लेकर के प्रस्ताव भेजा है.









