स्कूल-कॉलेज के खिलाफ बोलकर प्रशांत किशोर बुरी तरह फंस गए हैं। बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ ( फैक्टनेब) के अध्यक्ष जीडीएम कालेज के प्राचार्य डा. शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा, महासचिव प्रो. राजीव रंजन एवं मीडिया प्रभारी प्रो. अरुण गौतम ने प्रशांत किशोर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

प्रशांत किशोर में शिक्षकों को सम्मानित करने का संस्कार नहीं
सभी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर को शिक्षकों को सम्मानित करने का संस्कार नहीं है तो अपमानित करने का अधिकार भी नहीं होना चाहिए।

लोकतंत्र में व्यापारी की भूमिका निभा रहे प्रशांत किशोर
फैक्टनेब नेताओं ने बताया कि लोकतंत्र में कथित तौर पर व्यापारी की भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर द्वारा यह कहा जाना कि विद्यालय खिचड़ी और महाविद्यालय डिग्री बांटने वाली संस्था है, बिहार की शिक्षा, शिक्षार्थी व शिक्षक का घोर अपमान है।

फैक्टनेब नेताओं ने बताया कि शायद उन्हें इस हकीकत की जानकारी नहीं है कि संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षाकर्मी अपनी पूरी जिंदगी उच्च शिक्षा को न्योछावर कर लगभग 70 प्रतिशत शिक्षार्थियों को बिना किसी निश्चित वेतनमान के शिक्षा प्रदान करते हैं और उन्हें राष्ट्र की सेवा करने के लिए पुरी तरह से तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। फैक्टनेब नेताओं ने प्रशांत किशोर और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उनके समर्थक विधान पार्षद अफाक अहमद से मांग की है कि उनके एवं उनके समर्थकों के जीवन में अगर शिक्षा और शिक्षकों की महत्ता का थोड़ा भी बोध हो तो उन्हें शिक्षकों से माफी मांगनी चाहिए।







