नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार वर्षा के कारण सीमांचल की महानंदा, परमान और बकरा आदि नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई हुई है। इसने बाढ़ का रूप ले लिया है। निचले इलाकों में अवस्थित कई गांवों में पानी फैल गया है। रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। किशनगंज से गुजरने वाली महानंदा, कनकई, रेतुआ, चेंगा आदि नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है।
इस गांव में घुसा पानी
जलस्तर बढ़ने से दिघलबैंक, टेढ़ागाछ, पोठिया, ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र में नदी से सटे निचले इलाके के गांव में नदी का पानी पहुंचने लगा है। नदी पर बने चचरी पुल ध्वस्त होने से नदी पार बसे लोगों को आवाजाही में परेशानी बढ़ गई है। वहीं जगह-जगह कटाव भी होने लगा है। कटिहार में महानंदा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब आ पहुंचा है। यहां प्राणपुर प्रखंड के शाहनगर में तटबंध से महज 100 मीटर दूर भीषण कटाव हो रहा है।

अररिया के पलासी प्रखंड में बकरा व रतवा नदी के जलस्तर में मंगलवार की रात से अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। खासकर बकरा नदी के जल स्तर में वृद्धि से नदी का पानी प्रखंड के करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों के निचले इलाकों में फैल गया है। साथ ही कई सड़कों के आर पार पानी बहने से यातायात प्रभावित होने लगा है। पलासी के सीओ सुशील कांत सिंह ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। विभिन्न नदी घाटों पर नाव की व्यवस्था की जा रही है। संबंधित हल्का कर्मचारी को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।








