छपरा: छपरा के एक ऐसा मंदिर जहां पर पांचमुखी शिवलिंग स्थापित किया गया है. इस तरह के शिवलिंग काफी कम ही जगह पर स्थापित किया जाता है. पंचमुखी शिवलिंग का क्या है रहस्य आज हम जानेंगे, शिवलिंग के चार मुख चारों दिशाओं में हैं. जबकि एक मुख ऊपर की ओर है. माना जाता है कि शिवलिंग के दाएं और बाएं, जो दो शिवलिंग बने हैं, वह भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय के हैं. जो कि इस मंदिर में शिवलिंग के रूप में विराजमान है. यह मंदिर काफी पुराना था. जिसको स्थानीय लोगों के द्वारा फिर से बना दिया गया है. यह मंदिर छपरा शहर के बस स्टैंड में स्थापित है. जिस मंदिर में पांच मुखी शिवलिंग हैं, वहीं इसी मंदिर में गौरी गणेश और नंदी कार्तिक जी का भी मूर्ति स्थापित है. यहा पांच मुखी हनुमान जी का मूर्ति भी स्थापित किया गया है.
पंचमुखी नाम से पड़ा है शिवजी का नाम
शास्त्र के अनुसार त्रेता युग में जब भगवान श्री राम का जन्म हुआ उस समय भगवान शिव पंचमुखी रूप में आए, शास्त्रों के अनुसार उन्होंने बताया कि संसार के पालनहार श्री राम जी से दर्शन करने के लिए भगवान शिव पंचमुखी रूप में आए थे.यही शिवजी का पंचमुखी नाम पड़ा, सधोयाद, वामदेव, तत्पुरुष,ईशान इत्यादि पांच नाम है.

हर समस्या का होता है समाधान
पांच नाम से पांच तत्व भी हुआ जैसे पृथ्वी जल आकाश वायु और अगिन, उन्होंने बताया कि पंचमुखी शिवलिंग का पूजा करने वाले श्रद्धालुओं का सभी मन्नत पूरा होता है. बताया कि सुख समृद्धि घर में आती है. यह भी कहा कि जो लोग रोग से ग्रसित रहते हैं उन्हें भी पंचमुखी शिवलिंग का पूजा करने से निजात मिलता है. कहा कि सभी प्रकार के पंचमुखी शिवलिंग के पूजा करने से कष्ट मिटता है. और समस्या का समाधान भी होता है.








