नीतीश सरकार में बीजेपी मंत्री दिलीप जायसवाल का कबूलनामा, बिना पैसे लिए गरीबों का कोई काम नहीं हो रहा

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में बीजेपी के मंत्री दिलीप जायसवाल के कबूलनामे से भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई है कि गरीबों का कोई काम बिना पैसा लिए नहीं हो रहा है।  राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्वीकारा कि अंचल स्तरीय कार्यालयों में दाखिल-खारिज समेत जमीन से जुड़े अन्य कार्यों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। राजस्व कर्मचारी और उनके नीचे स्तर के मुंशी और दलालों ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर स्थिति को गंभीर बना दिया है। गरीबों का कोई काम बिना पैसा लिए नहीं हो रहा है। अंचल कार्यालयों के भ्रष्टाचार से विभाग की बदनामी हो रही है।

जायसवाल ने रविवार को पटना में राज्य भर के अपर समाहर्ताओं (एडीएम) और भूमि सुधार उप-समाहर्ताओं (डीसीएलआर) के साथ समीक्षा बैठक के दौरान एडीएम से सवाल किया कि क्या हम भ्रष्टाचार के इस दाग से मुक्त हो सकते हैं? उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि मजबूत इच्छा शक्ति से इस समस्या को ठीक किया जा सकता है। मंत्री ने अफसरों से अपील की कि इस महीने से भ्रष्टाचार को 10 फीसदी कम करने का अभियान शुरू करें।

बदनामी कम करने में एडीएम पहल करें 

मंत्री ने कहा कि विभाग की बदनामी कम करने के लिए एडीएम को पहल करनी होगी। बदलाव एक दिन में नहीं होने वाला, लेकिन इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो काम मुश्किल नहीं है। एडीएम का आदेश राजस्व विभाग में महीनों तक लंबित पड़ा रहता है। अंचलाधिकारी या भूमि सुधार उप-समाहर्ता उनका पालन नहीं करते हैं। एडीएम का डर नीचे के पदाधिकारियों तक होना चाहिए। इसके लिए वे निचले कार्यालयों की नियमित एवं सघन जांच करें। अंचल कार्यालयों में फिफो (फर्स्ट ईन, फर्स्ट आउट) उल्लंघन की संख्या बहुत अधिक है। इसके 11 हजार 73 मामले लंबित हैं। बिना एडीएम की अनुमति के फिफो का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। जिन अंचलों के सीओ इसका उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

खराब प्रदर्शन करनेवाले काम में सुधार लाएं मंत्री

दिलीप जायसवाल ने बैठक में अतिक्रमण, अभियान बसेरा, सैरात बंदोबस्ती, सरकारी जमीन की सुरक्षा, दाखिल-खारिज समेत राजस्व के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। मंत्री ने खराब प्रदर्शन वालों को कामकाज में सुधार लाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने में बेहतरीन कार्य के लिए बांका जिले की प्रशंसा की गई जबकि मधुबनी जिले को इसमें सुधार लाने के लिए फटकार लगाई गई।

कार्यों के आधार पर होगी एडीएम की रैंकिंग

विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि सभी एडीएम की कार्यों के आधार पर रैंकिंग की जाएगी। इसके आधार पर इनका आंकलन होगा। अंचल में शिकायतों का निपटारा ठीक से नहीं हो रहा। 60 से 70 फीसदी शिकायतें सिर्फ दाखिल-खारिज से जुड़ी हैं। एसीएस दीपक सिंह ने एडीएम से सीओ तक को निर्देश दिया कि कार्यालय आने वाले लोगों से स्वयं मिलें और समस्याओं का तुरंत समाधान करें। उन्होंने कहा कि हर हाल में दाखिल-खारिज समेत अन्य सेवाओं का निपटारा समय पर करने के साथ ही इसमें गुणवत्ता का भी ध्यान रखें।

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