‘जल्द ही मिल सकती है पितृपक्ष मेला को लेकर बड़ी खुशखबरी, मांझी ने दिए संकेत

गया: पितृपक्ष मेला विश्व भर में प्रसिद्ध है. पितृपक्ष मेला आगामी 17 सितंबर से गया में शुरू होने जा रहा है. पितृपक्ष मेला संभवत इस बार खास होगा, क्योंकि बिहार के पूर्व सीएम व वर्तमान में केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है, कि जल्द ही बिहार को बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है. खुशखबरी यह होगी, कि बिहार के गया में एक पखवाड़े तक चलने वाला विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेला अब अंतर्राष्ट्रीय मेला का दर्जा प्राप्त कर सकता है.

Jitan Ram Manjhi

जीतन राम मांझी की बड़ी पहल 

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इसको लेकर केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी पत्र लिखा है. वहीं, पितृपक्ष मेला को इंटरनेशनल फेयर घोषित करने की मांग को लेकर उन्होंने गजेंद्र सिंह शेखावत से विशेष मुलाकात भी की है.

विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में पूरे देश के राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी तीर्थयात्री आते हैं. हर वर्ष करीब एक पखवाड़े तक चलने वाले इस पितृपक्ष मेले में तीर्थ यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ती है. पितरों के मोक्ष की कामना के निमित गया जी में पिंडदान किया जाता है. ऐसे में गया जी मोक्ष स्थली के रूप में विख्यात है.

अंतर्राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग

यहां देशभर के अलावे रूस, जर्मनी, इंग्लैंड, नेपाल, बांग्लादेश समेत दर्जन भर देशों से भी तीर्थ यात्री आते रहते हैं. इस तरह पितृपक्ष मेले की महता देश ही नहीं, बल्कि सात समुंदर पार से आने वाले विदेशी तीर्थ यात्रियों के बीच भी है. यही वजह है कि अब केंद्रीय सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार के गया में एक पखवाड़े तक चलने वाले पितृपक्ष मेल को अंतर्राष्ट्रीय मेला घोषित करने के लिए प्रयास किया है.

‘बिहार को जल्द मिलेगी खुशखबरी’-मांझी

जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा भी किया है, कि जल्द ही बिहार को यह खुशखबरी मिलेगी. उन्होंने कहा, कि गया की महान जनता और बिहार को यह खुशखबरी मिलेगी, कि पितृपक्ष मेला अंतर्राष्ट्रीय मेला का दर्जा पा सकेगा.

वर्ष 2024 में आगामी सितंबर महीने से पितृपक्ष मेला शुरू होने जा रहा है. ऐसे में संभावना है, कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी जिस तरह से खुशखबरी मिलने की बात कर रहे हैं, आगामी पितृपक्ष मेले से पहले यह खुशखबरी बिहार को मिल सकती है.

पीएम से भी मांझी कर चुके हैं मांग

पितृपक्ष मेला अंतरराष्ट्रीय मेला घोषित हो सकता है, इसकी संभावना इसलिए भी अधिक है, क्योंकि बिहार के पूर्व सीएम व वर्तमान में केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इसकी मांग कर चुके हैं. वहीं, इस संबंध में हालिया दिनों में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी पत्र लिखा है.

पत्र में क्या लिखा है मांझी ने

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को लिखे पत्र में जीतन राम मांझी ने पितृपक्ष मेले को लेकर कई बातों का जिक्र किया है. उन्होंने लिखा है, कि मैं गया संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता हूं. बिहार के गया में भाद्र पक्ष में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के मोक्ष की कामना के लिए पिंडदान करते हैं.

मेरे बिहार में मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान इस मेले को राजकीय मेला घोषित किया गया था. क्योंकि यह मेला धार्मिक, ऐतिहासिक,सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से बहुत महत्व रखता है. इसलिए मैं चाहता हूं कि बिहार के साथ-साथ देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए पितृपक्ष मेले को अंतरराष्ट्रीय मेले का दर्जा दिया जाए.

अंतर्राष्ट्रीय मेला घोषित होने से क्या है फायदा

गौरतलब हो, कि पितृपक्ष मेले को अंतर्राष्ट्रीय मेला का दर्जा मिलने से इसकी महता और बढ़ेगी. क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मेले का दर्जा मिलने के बाद कई तरह की सुविधाएं मिलेगी और विदेशों से भी आराम से तीर्थयात्री यहां पहुंच सकेंगे. बिहार के गया में विष्णुपद मंदिर है, जहां भगवान विष्णु के चरण चिह्न विराजमान हैं. विष्णु चरण चिह्न के दर्शन करने के लिए देश और विदेश से लोग आते हैं.

वहीं विष्णुपद समेत दर्जनों पिंड वेदियां हैं, जहां पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. ऐसे में विष्णुपद मंदिर और अन्य पिंडवेदियों की बड़ी महता है. यही वजह है, कि देश और विदेश से श्रद्धालु यहां हर साल आते हैं. पितृपक्ष मेले के अलावे प्रतिदिन भी देश और विदेश से श्रद्धालु यहां हजारों की संख्या में आते रहते हैं.

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