मकान मालिकों के लिए गुड न्यूज, नीतीश सरकार ने होम स्टे योजना को दी मंजूरी

ग्रामीण पर्यटन एवं इको पर्यटन स्थल के समीप पर्यटकों को आवासन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रोत्साहन योजना को राज्य कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में पर्यटकों को ठहराने के लिए एक से छह कमरों और दो से 12 बेड तक की अनुमति दी जाएगी।

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होम स्टे के लिए मकान मालिक या प्रमोटर को अपने कमरों और बेड का निबंधन पर्यटन विभाग से कराना होगा। निबंधन दो वर्ष के लिए वैध होगा जिसके बाद उसका हर साल नवीकरण कराना होगा। निबंधन शुल्क के रूप में पहले दो वर्ष के लिए पांच हजार की राशि निर्धारित की गई है, जो नॉन-रिफंडेबल होगा।

होम स्टे योजना का मुख्य उद्देश्य

पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य देसी-विदेशी पर्यटकों को यात्रा के दौरान कम खर्च में बेहतर कमरा या बेड उपलब्ध कराना है। यहां पर्यटकों को बिहार की संस्कृति, खान-पान एवं परंपरा से रू-ब-रू होने का भी अवसर मिलेगा। इससे पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मकान मालिक को मिलेगा वित्तीय लाभ

पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में एक हजार कमरों को होम स्टे में परिवर्तित किया जाना है। शहरी इलाके के पर्यटन स्थल से पांच किमी और ग्रामीण/इको पर्यटन स्थल से 10 किमी की परिधि में मकान मालिक/ प्रमोटर को वित्तीय लाभ प्रदान किया जाएगा।

वित्तीय लाभ के तहत कमरे के उन्नयन के लिए बैंक से ऋण भी दिया जाएगा। ऋण की राशि की अधिकतम सीमा 2.50 लाख रुपये प्रति कमरे तय की गई है। इस राशि के ब्याज की प्रतिपूर्ति पर्यटन विभाग द्वारा की जाएगी। मकान मालिक को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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