शिक्षा मंत्री का ऐलान, नीतीश सरकार उनके मामले में अभी नहीं कर रही विचार

शिक्षा विभाग के द्वारा 1 अप्रैल से अतिथि शिक्षकों की सेवाएं लेना बंद कर दिया गया है। जिसके बाद से ही अतिथि शिक्षक लगातारा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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अतिथि शिक्षकों का कहना है कि जब उनकी उम्र परीक्षा देने की थी तब उनसे काम लिया गया और अब उनकी उम्र भी खत्म हो गई है तो उनसे काम लेना बंद कर दिया गया है। वो अब इग्जाम भी नहीं दे सकते हैं। वहीं अतिथि शिक्षकों को लेकर शिक्षा मंत्री सुनील सिंह ने बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि, गेस्ट टीचर पर विचार अभी नहीं किया गया है लेकिन उनके प्रतिनिधि हमसे मिले थे। अभी फिलहाल शिक्षा विभाग का ध्यान बीपीएससी से बहाली और सक्षमता पास कर रहे शिक्षकों पर है। जो नए प्रधानाध्यापक की बहाली चल रही है अभी फिलहाल विभाग उसे पर काम कर रहा है। अभी गेस्ट टीचर को लेकर कोई फैसला सरकार ने नहीं किया है।

वहीं महिला टीचर से शोषण के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि विभाग इसको देख रही है और इस पर प्रशासनिक कार्रवाई की। सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापक को कहना चाहता हूं कि स्कूल में अच्छे से पढ़ाए और अपना व्यवहार सही रखें और बच्चों पर ध्यान दें। अगर कोई भी शिक्षक और प्रधानाध्यापक इस तरीके से व्यवहार करता है तो उसे पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से बांग्लादेश की घटनाक्रम पर सवाल पर कहा कि सरकार देख रही है इस को लेकर प्रशासन भी मुस्तादी बनाए हुए हैं और इस इसको लेकर प्रशासन पूरी तरीके से चौकस है और सीमावंती इलाकों में बीएसएफ से लेकर प्रशासन को निर्देशित कर दिया गया है कि सीमा पर सब सुरक्षित रहे।

वहीं तेजस्वी यादव की एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ रही है इस पर सुनील कुमार ने कहा कि यह एजेंसियों का काम है। एजेंसी अपना काम कर रही है। लैंड फॉर जॉब मामले में एजेंसी के पास सबूत होगी तभी चार्टशीट दाखिल हुआ है।

 

 

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