केंद्र सरकार ने सरकारी विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिए 132 करोड़ 65 लाख रुपये आवंटित किए हैं। इस राशि से 2467 सरकारी विद्यालयों के भवन एवं अतिरिक्त वर्ग कक्ष के निर्माण कराए जाएंगे। इसी माह विद्यालयों का चयन होगा। सितंबर से निर्माण कार्य शुरू होगा।

पहले चरण में विद्यालयों में अत्यावश्यक निर्माण कार्य के अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन के लिए कमरे और शौचालय बनाए जाएंगे। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी होनी है। ये प्राथमिकताएं सर्वेक्षण के आधार पर तय की गई है।

हर जिले में होगा कमेटी का गठन
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, अतिरिक्त वर्ग कक्षों के निर्माण, शौचालयों के निर्माण एवं सुरक्षित पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु विद्यालयों का चयन प्रत्येक जिले में जिलास्तरीय कमेटी करेगी। यह कमेटी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गई है।

जिलाधिकारी की अनुपलब्धता की स्थिति में संबंधित जिले के उप विकास आयुक्त कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी कमेटी के सदस्य सचिव हैं।

अगस्त के अंतिम सप्ताह में होगी मीटिंग
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) एवं बिहार शिक्षा परियोजना के जिला स्तरीय कार्यालय में पदस्थापित सहायक अभियंता या कार्यपालक अभियंता कमेटी के सदस्य होंगे। विद्यालयों के चयन के लिए कमेटी की बैठक इस माह के अंतिम सप्ताह में होगी।

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक बी. कार्तिकेय धनजी ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि योजनाओं के चयन एवं प्राथमिकता निर्धारण करने हेतु कमेटी की बैठक इसी माह निश्चित रूप से कर ली जाए।

जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश में कहा गया है कि प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों का चयन कर अतिरिक्त वर्गकक्षों का निर्माण, शौचालयों का निर्माण व मरम्मती एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के कार्य को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सितंबर में अवश्य प्रारंभ कर लिया जाए।





