पटना: बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में सीएम नीतीश के दिए गए भाषण अब चर्चा का विषय बन गया है. एक ओर जहां नीतीश ये कह रहे हैं कि उनकी सरकार ने मौजूदा वक्त तक 5 लाख 16 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुके हैं वहीं 2025 बिहार विधानसभा चुनाव तक वो 10 लाख की जगह 12 लाख युवाओं को नौकरी दे चुके होंगे, जबकि 34 लाख रोजगार के टारगेट को भी पूरा कर लेंगे.
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12 लाख नौकरी और 34 लाख रोजगार
सरकारी नौकरी और रोजगार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया. कहा कि 2025 चुनाव से पहले तक 12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दे देंगे, जबकि 34 लाख लोगों को रोजगार देने का काम पूरा हो जायेगा. सीएम नीतीश ने कहा था कि अभी 5 लाख 16 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है.

लेकिन इसके अतिरिक्त लगभग 2 लाख पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब हम लोगों ने तय कर दिया है कि इस साल, या बिहार विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं को 10 लाख की जगह 12 लाख सरकारी नौकरी दी जाएगी.

तेजस्वी पर हमला नौकरी रोजगार को लेकर वादा
CM ने तेजस्वी पर भी हमला बोला. कहा कि बीच में कुछ लोग मेरे साथ आ गये थे. वही लोग इधर-उधर बोलते रहते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा अभी तक 5.16 लाख नौकरी दी जा चुकी है 2 लाख पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है. चुनाव से पहले युवाओं को 10 लाख की जगह 12 लाख सरकारी नौकरी दी जाएगी.

पुलिस में बहाली
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमें काम करने का मौका मिला तो पता चला कि बिहार में पुलिस बल की संख्या मात्र 42481 है, जो जरूरत के हिसाब से बहुत कम थी. उसी समय पुलिस की संख्या को बढ़ाने का निर्णय लिया गया. इसके लिए नए पदों का सृजन किया गया और पुलिस में बहाली की गई. अब पुलिस बल की संख्या बढ़कर 110000 हो गई है.

सीएम नीतीश का कमिटमेंट
सीएम नीतीश ने आश्वासन दिया कि इस साल और अगले साल के प्रारंभ तक पुलिस के सभी पदों पर बहाली पूरी कर ली जाएगी. पुलिस के लिए वाहन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं. ताकि लॉ एंड ऑर्डर में और अनुसंधान में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो.

शिक्षा पर विशेष ध्यान
सीएम नीतीश ने नौकरी के साथ साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी अपनी सरकार का फोकस बताया और कहा कि- आप लोग देख रहे हैं 2005 से कितना काम किया है. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया है .पहले स्कूलों की संख्या बहुत कम थी. शिक्षकों की काफी कमी थी. जिसके कारण स्कूलों में ठीक से पढ़ाई नहीं होती थी. गरीबों की वजह से लड़कियां भी पांचवी कक्षा के बाद पढ़ नहीं पाती थी.

स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमें काम करने का मौका मिला तो सरकारी अस्पतालों में औसतन 39 मरीज आते थे. अब 11000 से अधिक मरीज जा रहे हैं. पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल काफी कम थे. डॉक्टरी की पढ़ाई करने छात्र बाहर जाते थे. इलाज के लिए भी मरीज राज्य के बाहर जाते थे. इसलिए सरकार ने निर्णय लिया कि मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ाई जाए.

बिहार में बिछाया सड़कों का जाल
सुदूर इलाके से राजधानी पटना पहुंचने का समय पांच घंटे तय किया गया है. इसको लेकर काम किया जा रहा है. पटना का काफी विकास हुआ है. जेपी गंगा पथ को पश्चिम में आरा में बने बीर कुंवर सिंह सेतु और पूर्व में मोकामा राजेन्द्र सेतु तक विस्तारित करने का फैसला लिया है. आप सब लोग तो जानते ही हैं. शाम तक कितनी देर तक पटना में विभिन्न जगहों पर लोग रहते हैं.


