बिहार :अधिकारियों को सीएम नीतीश का निर्देश, लालू पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बड़े शहरों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए नये एलिवेटेड रोड और फ्लाई ओवर का निर्माण होगा। इस योजना पर पहले से काम चल रहा है। इनका लगातार निर्माण भी हो रहा है। सुदूर क्षेत्रों से छह घंटे में राजधानी पटना पहुंचने का लक्ष्य वर्ष 2016 में ही पूरा कर लिया गया है।

इसके बाद सरकार ने इस लक्ष्य को 5 घंटे करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बड़ी संख्या में सड़कों एवं पुल-पुलियों का निर्माण कराया जा रहा है। इनके मेंटेनेंस का भी काम किया जा रहा है। जेपी गंगा पथ को पश्चिम की तरफ आरा में बने वीर कुंवर सिंह सेतु तक तथा पूरब की तरफ मोकामा में गंगा नदी पर सबसे पहले बने राजेन्द्र सेतु तक विस्तारित किया जाएगा।

शेष नियोजित शिक्षकों को भी मिलेगा अवसर

वर्ष 2006-07 से पंचायत एवं नगर निकायों के माध्यम से बहाली की गयी। कई चरणों में लगभग पौने चार लाख शिक्षकों को नियोजित किया गया। स्कूलों में पढ़ाई अच्छे ढंग से हो, इसलिए अब निर्णय लिया गया कि शिक्षकों की बहाली सरकारी तौर पर की जाय।

वर्ष 2023 में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 2 लाख 20 हजार सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है, शेष पदों पर भी बहाली की जा रही है। पहली सक्षमता परीक्षा में पास होकर लगभग 1 लाख 80 हजार नियोजित शिक्षक सरकारी शिक्षक बन गये हैं। जो शिक्षक अब बच गये हैं उन्हें भी सरकारी शिक्षक बनने के लिए और मौके दिये जा रहे हैं।

अगले साल जून तक पूरी हो जाएगी ‘हर खेत सिंचाई का पानी’ योजना

वर्ष 2015 में सात निश्चय-1 के तहत हर घर तक बिजली, हर घर नल का जल, हर घर शौचालय तथा टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम पूरा हो गया है। यह भी देखा गया है कि कुछ नयी बसावटें एवं घर बन गये हैं इसलिए इन नये आवासों तथा छूटे हुए घरों में इन योजनाओं के निर्माण का काम मार्च 2025 तक पूरा करा लिया जाएगा। वर्ष 2020 से सात निश्चय-2 के तहत सभी योजनाओं पर काम चल रहा है।

इनमें से मुख्य योजनाएं जैसे-हर खेत तक सिंचाई का पानी का कार्य प्रगति पर है जिसे जून 2025 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। सात निश्चय-2 के तहत टेलीमेडिसिन योजना शुरू की गयी है, जिसमें गांव में ही रहकर डॉक्टर से परामर्श प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान में टेलीमेडिसिन की सुविधा 9 हजार 50 स्वास्थ्य उप केन्द्रों पर उपलब्ध है।

केन्द्र ने बड़ी राशि देने की घोषणा की

बिहार का विकास और तेजी से हो इसके लिए हम बिहार को विशेष राज्य का दर्जा या विशेष आर्थिक सहयोग की मांग करते रहे हैं। मुझे खुशी है कि केन्द्र सरकार ने इस बार के बजट में विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण आदि के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। आशा है कि भविष्य में भी बिहार को इसी तरह आवश्यकतानुसार सहयोग मिलता रहेगा।

सिर्फ पत्नी, बेटा-बेटी को ही आगे बढ़ाया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बगैर नाम लिए लालू प्रसाद पर तीखा हमला किया और कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने सिर्फ अपनी पत्नी, बेटा और बेटी को ही आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि 2005 में बिहार की क्या स्थिति थी और 2005 के बाद क्या स्थिति हो गई है, यह किसी से छुपी नहीं है। 2005 में बिहार का बजट मात्र 28 हजार करोड़ था और आज या बढ़कर 2.78 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है। उन्होंने मीडिया से भी अनुरोध किया कि वह दोनों शासन के फर्क को लिखे और लोगों को बताएं।

 

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