समस्तीपुर में दिखने लगा गंगा का विकराल रूप, निचले इलाकों घुसा बाढ़ का पानी

समस्तीपुर: जिले के मोहिउद्दीननगर, पटोरी, और मोहनपुर प्रखंड क्षेत्रों से होकर बहने वाली गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है. पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा जलस्तर अब खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है.

इससे पहले, जब जलस्तर घट रहा था, तब लोगों को बाढ़ के खतरे से राहत मिली थी, लेकिन हालिया बढ़ोतरी ने फिर से उनकी चिंता बढ़ा दी है. बाढ़ का पानी अब निचले इलाकों में घुसने लगा है. पिछले 24 घंटों में ही गंगा नदी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ा है, जिससे लोग ऊंचे स्थलों पर अपने आशियाने ढूंढने लगे हैं.

मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र के जौनपुर, मतियौर, और पटोरी प्रखंड क्षेत्र के अरैया, सरहद, और चक्सीमा सहित कई गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है.

क्या कहते हैं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के इंजीनियर?
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल दलसिंहसराय के सरारी स्थित कैंप में तैनात जूनियर इंजीनियर जितेश रंजन ने लोकल 18 को बताया कि मोहनपुर प्रखंड के सरारी स्थल पर गंगा नदी का जलस्तर 45.50 मीटर पर पहुंचने पर यह खतरे के निशान को छू लेता है. फिलहाल, गंगा नदी का जलस्तर 46.25 मीटर है, जो खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर है.

उन्होंने बताया कि बुधवार की सुबह 6:00 बजे ली गई रीडिंग के अनुसार जलस्तर 46.10 मीटर था, जबकि गुरुवार की सुबह 6:00 बजे की रिपोर्ट में यह बढ़कर 46.25 मीटर हो गया है.

उन्होंने यह भी बताया कि 20 अगस्त से पहले गंगा नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की गई थी, लेकिन 20 अगस्त के बाद से जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. उन्होंने जलस्तर में वृद्धि का कारण बिहार और अन्य राज्यों में रुक-रुक कर हो रही बारिश को बताया.

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