लड़खड़ाए लालू तो नीतीश ने संभाला, इस एक तस्वीर से हिल गई बिहार की राजनीति और मच गई खलबली

पटना: बिहार की राजनीति में एक तस्वीर से खलबली है. यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू यादव मुलाकात की तस्वीर है. तस्वीरों को ध्यान से देखेंगे तो यह राजनीति में इसी शिष्टाचार की बात समझ आएगी. इस तस्वीर में दिखता है कि नीतीश कुमार बीमार लालू यादव को पकड़कर खुद सीढ़ी से नीचे उतार रहे हैं. लेकिन, इस तस्वीर के बहुत सियासी मायने निकाले जा रहे हैं और बिहार की राजनीति में चर्चा जोरों पर है कि क्या नीतीश कुमार फिर एनडीए छोड़ महागठबंधन के साथ जाने वाले हैं. सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या बिहार में एक बार फिर सियासी फेरबदल होने वाला है? क्या नीतीश कुमार और भाजपा की दोस्ती फिर टूटने वाली है? इस उधेड़बुन से जुड़े सवाल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. हालांकि, इस तस्वीर के सियासी मायने जो हों लेकिन हकीकत भी जानना जरूरी है.

दरअसल, क्योंकि दो दिन पहले यानी 4 सितंबर 2024 को पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मुलाकात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हुई थी. इस मीटिंग के बाद से ही बिहार की सियासत में गर्मी है. राजनीतिक माहौल ऐसा गर्म हुआ कि पटना से दिल्ली तक भूचाल जैसी स्थिति बनती दिखी. हालांकि, सीएम और पूर्व डिप्टी सीएम के बीच ये अचानक मुलाकात क्यों हुई थी, इसका खुलासा तेजस्वी यादव ने मीडिया के सामने भी कर दिया था. दूसरी ओर लालू और नीतीश की वायरल हो रही तस्वीर और इसके वीडियो की सच्चाई भी सामने आ गई. लेकिन, इसके पहले जो भूचाल मचना था वह मचा और इसकी चर्चा अभी भी गर्म है. खास बात यह कि इसकी चर्चा जब बहुत अधिक गर्म हुई तो सीएम नीतीश कुमार ने खुद ही सारे कयासों को खारिज कर दिया.

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की उपस्थिति में पटना के आईजीआईएमस में सीएम नीतीश कुमार ने साफ तौर पर कहा, हम दो बार इधर उधर चले गए थे, दो बार हम RJD के साथ जाकर गलती कर चुके हैं. लेकिन अब हम RJD के साथ जाने की गलती तिबारा (तीसरी बार) नहीं करने वाले हैं. इसके बाद राजद नेताओं को अपने निशाने पर लेते हुए सीएम नीतीश ने आगे कहा, उ लोग कोय काम किया है क्या, जो काम हुआ है सब हमही लोग (बीजेपी-जेडीयू) किये हैं. ई लोग (तेजस्वी यादव) कभी दिल्ली के अखबार में तो कभी बिहार के अखबार में भर भर पन्ना का प्रचार देते रहता है. भर भर पन्ना का प्रचार सब देने से कुछ होने जाने वाला है हो.

नीतीश कुमार की सफाई के बाद भी नीतीश कुमार और लालू यादव की मुलाकात की तस्वीर और वीडियो को लेकर सियासी उबाल है. इस पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्वी यादव राज्य के उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार पद पर रहने के बावजूद तेजस्वी यादव अफवाहों को हवा देने का काम कर रहे हैं. लेकिन, उन्हें नीतीश कुमार ने करारा जवाब दिया है. शुक्रवार को नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि आरजेडी के साथ जाने का सवाल नहीं है.

दरअसल, जेडीयू को बार-बार सफाई इसलिए देनी पड़ रही है क्योंकि सोशल मीडिया साइट एक पर खुद को पत्रकार और समाजवादी बताने वाले शैलेंद्र यादव नाम के एक यूजर ने गुरुवार की देर शाम को 8:47 मिनट पर 2022 की लालू यादव और नीतीश कुमार की मुलाकात का वीडियो डालकर लिखा है- बिहार में खेला होने की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं. आज नीतीश कुमार जी और लालू यादव जी के आवास पर मुलाकात करने पहुंचे. तीन-चार दिन के अंदर नीतीश जी और तेजस्वी जी की यह दूसरी मुलाकात है.

दरअसल, शैलेंद्र यादव का दवा तो फर्जी निकला साथी उन्होंने ट्वीट में जो वह भी गलत है, क्योंकि लालू यादव और नीतीश कुमार की मुलाकात का यह वीडियो 5 सितंबर 2022 का है. 5 सितंबर 2022 की मुलाकात को फर्जी तरीके से 5 सितंबर 2024 को किया गया. इस अफवाह ने इसलिए भी जोर पकड़ लिया क्योंकि मंगलवार को सूचना आयुक्त के नाम तय करने के लिए बुलाई गई औपचारिक मीटिंग में तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता के तौर पर सीएम ऑफिस में नीतीश कुमार से मिले थे. इसके बाद से अटकलबाजों को नया काम मिल गया और बिहार की सियासत में उबाल आ गया.

वहीं, भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस पर कहा है कि राजद के लोग नीतीश और लालू जी का दो साल पुराना विडियो वायरल कर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. व्याकुल होने से कुछ नहीं होने वाला. बिहार विकास के पथ पर बढ़ चुका है. सिर्फ पिछले एक महीने में बिहार में 10 से अधिक बड़े – बड़े इन्वेस्टमेंट आये हैं. इधर, रालोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति पारस ने नीतीश कुमार के अब इधर-उधर नहीं जाने वाले बयान को लेकर सोशल मीडिया में भ्रम पैदा होने पर कहा, आरजेडी के लोग भ्रम पैदा करना चाहते हैं. पूरे देश में और बिहार में एनडीए इंटैक्ट है. नीतीश कुमार का इंडिया गठबंधन में अपमान हुआ था और वो उस बात को भूले नहीं हैं. नीतीश कुमार एनडीए में हैं और रहेंगे. अगले चुनाव में एनडीए गठबंधन की दो तिहाई से ज्यादा बहुमत से सरकार बनेगी.

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