अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा को लेकर विरोध जारी, ‘जान दे देंगे, जमीन नहीं’

पटना: राजधानी पटना से सटे बिहटा प्रखंड के कन्हौली गांव में बनने जा रहे हैं अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा के निर्माण के जमीन अधिग्रहण में अब ग्रहण लगता दिख रहा है. बुधवार को कन्हौली गांव के तमाम ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर एक बैठक की. ग्रामीणों ने इसके खिलाफ चक्का जाम किया और विरोध मार्च किया. सभी लोगों ने जमीन अधिग्रहण के विरोध में जमकर नारेबाजी की और कहा कि जान दे देंगे लेकिन जमीन और घर सरकार को नहीं देंगे.

कन्हौली में बनेगा इंटरनेशनल बस स्टैंड

दरअसल पटना से सटे बिहटा प्रखंड के कन्हौली गांव में लगभग 100 एकड़ में इंटरनेशनल बस स्टैंड का निर्माण होना है, जिसको लेकर जमीन अधिग्रहण का काम सरकार के द्वारा चलाया जा रहा है.लेकिन अब कन्हौली गांव के ग्रामीण स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया हैं.

ये गांव होंगे प्रभावित

कन्हौली से शेरपुर के बीच की 187 एकड़ भूमि के अधिग्रहण से कई गांवों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा. वाजीदपुर, परखोतिमपुर कोठी, पैनाल, कन्हौली, मुस्तफापुर और हीरामनपुर गांव प्रभावित होंगे. वहीं मनेर अंचल के मुस्तफापुर मौली, रसूलपुर बिजैगोपाल, हरशंकरपुर नरहन्ना, परखोतिमपुर कोठी, रसूलपुर बिजैगोपाल मिलकी, बलुआ और सन्तर गांव शामिल है.

‘जान देंगे, लेकिन जमीन और घर नहीं..’

वहीं कन्हौली गांव के स्थानीय सह सदीसोपुर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि जान देंगे, लेकिन जमीन और घर नहीं देंगे. क्योंकि कन्हौली गांव में सभी आम किसान है और पिछले कई वर्षों से अपने परिवार के साथ जीवनयापन कर रहे हैं. साथ ही अनिल कुमार ने बताया कि पूर्व में सरकार के द्वारा 25 एकड़ जमीन अधिग्रहण का बात कही गई थी, जिसे बाद में 50 एकड़ कर दिया गया.

जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन की तैयारी

ग्रामीणों का कहना है कि हमारे गांव में 300 से ज्यादा घर हैं. आबादी 5000 से ऊपर है. अगर ऐसी स्थिति हुई तो हम सभी लोग सड़क पर आ जाएंगे. इसलिए सरकार से हमारी मांग है कि कन्हौली के अलावा पैनाठी मौजा में या दोनों मौजा में जमीन लें. ताकि हम सभी लोगों का घर बच सके. अगर ऐसी स्थिति नहीं बनती है तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन होगा.

‘कहां जाएंगे किसान?’

इधर सदीसोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया राजेश कुमार ने बताया कि सरकार के द्वारा पहले 13 एकड़ जमीन कन्हौली मौजा में अधिग्रहण का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन सरकार अब लगभग 100 एकड़ जमीन अधिग्रहण करने वाली है. ऐसे में किसान वर्ग कहां जाए? पहले भी सरकार के द्वारा जमीन अधिग्रहण किया जा चुका है.

डीएम ने कही थी ये बात

आपको बता दें कि लगभग 2 सप्ताह पूर्व पटना जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने खुद कन्हौली बस अड्डा निर्माण और दानापुर बिहटा एलिवेटेड रोड निर्माण को लेकर निरीक्षण किया था. उस वक्त पटना डीएम के द्वारा बताया गया कि कन्हौली गांव में बनने वाले बस अड्डा में लगभग 100 एकड़ जमीन अधिग्रहण होना है. हालांकि सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि इस जमीन अधिग्रहण में कम से कम कन्हौली गांव के घर को लिया जाए.

तेजी से बढ़ रही है जमीन की कीमत

गौरतलब है कि इन इलाकों में भूमि अधिग्रहण के कारण बाजार में सीमित भूमि उपलब्धता भी कीमतों को बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है. कन्हौली से देश के अन्य शहरों जैसे दिल्ली, कोलकाता, वाराणसी जैसे बीस शहरों को जोड़ने के लिए यहां से बसों का परिचालन होगा. कन्हौली से नेपाल के लिए भी बस चलाने की तैयारी है.

बिहटा एयरपोर्ट को लेकर भी विवाद

पटना के बिहटा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट निर्माण को लेकर भी काफी विवाद है. जमीन अधिग्रहण को लेकर इसका भी ग्रामीण और किसान विरोध कर रहे हैं. बिहटा एयरफोर्स में बने रनवे के चौड़ीकरण को लेकर रनवे के पास के कई गांव प्रभावित होंगे. इसके खिलाफ भी ग्रामीणों ने आंदोलन किया है. वहीं अब कन्हौली में बन रहे बस स्टैंड पर भी संकट के बादल छा गए हैं.

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