बिहार के मंत्री और अफसरों के दफ्तर में मुफ्त की जल रही बिजली, करोड़ों का बिल बकाया

बिहार के सरकारी विभागों पर बिजली कंपनी के करोड़ों रुपये बकाया हैं। सरकारी कनेक्शन में राज्य के मंत्रियों से लेकर अधिकारी और सरकारी महकमा शामिल हैं। राज्य में एक लाख 87 हजार 640 सरकारी बिजली उपभोक्ता (कनेक्शन) हैं। इन पर कंपनी के 1455 करोड़ 79 लाख बकाया हैं। एक सरकारी कनेक्शन पर औसतन 77 हजार का बकाया है।

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हाल ही में सरकारी विभागों पर बकाया राशि की उच्चस्तरीय समीक्षा हुई। इसमें पाया गया कि वैसे तो अमूमन सभी सरकारी विभागों पर बिजली कंपनी का बकाया है, लेकिन कुछ ऐसे विभाग हैं जिसमें भुगतान के नाम पर कंपनी को नगण्य राशि मिल रही है। इन विभागों में पंचायती राज, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और शिक्षा विभाग शामिल हैं।

नल जल योजना से भी नहीं मिल रहा पैसा

हर घर नल का जल योजना के तहत भी बिजली कंपनी को पैसा नहीं मिल पा रहा है। पंचायती राज और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की इस योजना में उत्तर बिहार में 60 हजार 671 कनेक्शन हैं और इन पर 205 करोड़ का बकाया है। दक्षिण बिहार में 45 हजार 81 कनेक्शन हैं और इन पर 255 करोड़ का बकाया।

सरकारी भवनों में लगेगा स्मार्ट प्रीपेड मीटर

बकाया वसूली में हो रही परेशानी को देखते हुए ही राज्य सरकार ने सभी सरकारी भवनों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का निर्णय लिया है। बीते दिनों राज्य कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिल चुकी है।

बिजली कंपनी ने 30 नवम्बर तक सभी सरकारी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर देने का निर्णय लिया है। बीते दिनों मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने समीक्षा बैठक कर हर हाल में इस तिथि तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का अल्टीमेटम दिया था।

दक्षिण बिहार के जिलों पर अधिक बकाया

दक्षिण बिहार के अधीन 81 हजार 696 सरकारी उपभोक्ता हैं। इन पर 793.78 करोड़ बकाया है। उत्तर बिहार में एक लाख पांच हजार 944 उपभोक्ता हैं। इन पर 662 करोड़ एक लाख बकाया है।

सबसे अधिक पटना में 9035 उपभोक्ताओं पर 196 करोड़ 40 लाख बकाया हैं। नालंदा में 9035 पर 119 करोड़ पांच लाख तो भागलपुर के 5460 पर 107 करोड़ 98 लाख तथा गया में 9831 पर 73 करोड़ 88 लाख का बकाया है।

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