मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से जुड़ा एक और केस अब सीबीआई (CBI) के हवाले किया गया है. वहीं CBI की टीम ने इस मामले की जांच भी शुरू कर दी हैं. दरअसल हम बात कर रहे हैं मुजफ्फरपुर के चर्चित MBA छात्रा यशी सिंह के गायब होने से जुड़े मामले की.

पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब CBI ने MBA छात्रा यशी सिंह के गायब होने से जुड़े मामले की पड़ताल शुरू कर दी हैं. सीबीआई की टीम केस दर्ज मामले की छानबीन में जुट गयी है.

इसके लिए CBI इंस्पेक्टर मुकेश कुमार पांडे ने सोमवार को सदर थाना से संपर्क किया और यशी सिंह के केस से संबंधित जानकारी जुटाई. वहीं पटना स्थित CBI थाना में एसपी वी. लकड़ा ने केस दर्ज कराया है और इसका आइओ इंस्पेक्टर मुकेश कुमार पांडे को बनाया गया हैं. वहीं इससे पहले यह केस सीआईडी (CID) के पास था. लेकिन, सितंबर महीने में पटना हाईकोर्ट ने केस को CBI के हवाले कर दिया. दुर्गा पूजा से पहले ही CID ने केस का पूरा ब्यौरा CBI को सौंप दिया हैं.

आखिर क्या है पूरा मामला?
दरअसल मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर में अपने नाना-नानी के घर पर रहकर MBA फर्स्ट सेमेस्टर की पढ़ाई करने वाली 23 वर्षीय यशी सिंह 12 दिसंबर को परीक्षा देने अपने घर से महज 500 मीटर दूरी पर LN मिश्रा कॉलेज के लिए निकली थी. उसके बाद से वह अचानक गायब हो गई. जानकारी के अनुसार यशी कॉलेज भी नहीं पहुंच पाई थी.


परिजनों ने सब जगह तलाश की. लेकिन, यशी का कोई सुराग नहीं मिला, तब जाकर घटना के 4 दिन बाद यशी के नाना राम प्रसाद राय ने सदर थाना मे 16 दिसंबर को अज्ञात के खिलाफ यशी के अपहरण करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया. FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी. लेकिन, अब तक यशी कहां गायब हो गयी इसकी जानकारी नहीं मिल पायी.

नाना के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी यशी
यशी सिंह MBA फर्स्ट सेमेस्टर की छात्रा थी. पढ़ाई के लिए मुजफ्फरपुर में अपने नाना के घर पर रहती थी. यशी के पिता संजय कुमार लखीसराय के रहने वाले हैं, जो राइट्स में इंजीनियर के पद पर हैं. वहीं यशी की मां रश्मि सिंह गृहणी है और अपने पिता के घर पर मुजफ्फरपुर में ही रहती हैं. यशी के नाना रामप्रसाद राय साहेबगंज कॉलेज के प्रिंसिपल से रिटायर्ड हैं. वहीं नानी भी LNT कॉलेज की प्रोफेसर थी. यशी के मामा मधुबनी के जज हैं. यशी की पूरी पढ़ाई लिखाई मुजफ्फरपुर में उसके नाना के घर पर ही हुई, उसका छोटा भाई भी मुजफ्फरपुर में रहकर पढ़ाई करता हैं.

रेडलाइट एरिया में बेचने की बात भी आई थी सामने
जिस वक्त यशी सिंह गायब हुई थी. उस वक्त यशी को लेकर कई तरह की खबर सामने आई थी. यशी के फेसबुक अकॉउंट के माध्यम से परिजनों ने कई पॉइंट्स जुटाई थे जो पुलिस को दिये. उसके माध्यम से कई लोगों पर यशी के गलत नियत अपहरण का आरोप लगा, जिसमें बताया गया कि यशी को रेड लाइट एरिया में बेचा गया है, जिसके बाद पुलिस की टीम ने मुजफ्फरपुर के चतुर्भुज स्थान में छापेमारी भी की थी. हालांकि इसको लेकर विशेष कुछ सफलता नहीं मिली.

मामले पर राजनीति भी खूब हुई
वहीं इससे पहले मुजफ्फरपुर में एक मासूम 5 साल की खुशी भी अचानक लापता हो गयी थी. उसके बारे में कुछ पता चला भी नहीं पाया था कि अचानक यशी सिंह के गायब होने की खबर सामने आ गयी थी. इसको लेकर राजनीति भी गरमा गई. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बीते साल इसको लेकर मुजफ्फरपुर में आंदोलन भी किया. यशी और खुशी की बरामदगी को लेकर पप्पू यादव ने सरकार के खिलाफ अहवाहन किया और यशी मामले में शहर के रेड लाइट एरिया को नेस्टनाबूत करने की धमकी तक दे दी थी.

क्या CBI को मिल पाएगा कोई सुराग?
यशी के गायब हुए करीब 2 साल (1 साल 10 महीने) हो चुके हैं. यशी की मां अब निराश हो चुकी हैं, जब केस CID को सौंपा गया था तो उन्हें उम्मीद थी कि अब शायद उनकी बेटी के बारे में कुछ जानकारी मिल जाए. लेकिन, महीनों बीतने के बाद कुछ पता नहीं चल सका. ऐसे में अब केस CBI को सौंपा गया हैं. CBI की टीम ने इसको लेकर पड़ताल भी शुरू कर दी हैं.
