बिहार के दरभंगा से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कानून बनने के बावजूद लोग नहीं मान रहे। फिर से तीन तलाक का मामला सामने आया है। दरभंगा के गोड़ाबोराम प्रखंड के बंगरहटा की मात्र दो महीने पहले ब्याही गई युवती को उसके पति ने फोन पर तीन तलाक दे दिया।

अब पीड़ित युवती ने इसको लेकर घनश्यामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। घटना की पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष अजित कुमार झा ने बताया कि महिला ने पति सहित सास, ससुर, देवर और ननद को आरोपी बनाया है।

दो महीने पहले ही हुई थी शादी
दर्ज प्राथमिकी में नवविवाहिता नुसरत परवीन ने कहा कि दो महीने पहले उसकी शादी बहेड़ी थाना क्षेत्र के सनखेरहा निवासी मो. आरिफ के पुत्र जुनैद के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से मुझे ससुरलवालो के द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा।
इसका वह लगातार विरोध कर रही थी। जब वह अपने पति से इस मामले को लेकर बातचीत कर रही थी तब इस दौरान मेरे पति मो जुनैद में मुझे फोन पर तलाक दे दिया गया है।

ससुरलवालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई
अब इस मामले में महिला ने अपने पति मो जुनैद, ससुर मो आरिफ के अलावा सास,देवर और अपनी ननद के खिलाफ घनश्यामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस सम्बंध में घनश्यामपुर थानाध्यक्ष अजित कुमार झा ने बताया कि पीड़ित महिला ने अपने पति सहित ससुरलवालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। मामले की जांच की जा रही है।

तीन तलाक कहने से ही तलाक नहीं होता
इस संबंध में दरभंगा के मस्जिद के शाही इमाम तीन तलाक कहने से ही तलाक नहीं होता। इस प्रक्रिया में बातचीत शुरू होने का एक चांस रहता है। दोनों पक्षों में यह गुंजाइश बनी रहती है कि वे दोबारा से रिश्ता जोड़ सकते हैं।



तीन तलाक बिल के मौजूदा प्रावधानों में पति को तीन साल की सजा हो सकती है। ऐसे में पत्नी को खर्च भी नहीं मिलेगा। बच्चे-मां बाप सब बर्बाद हो जाएंगे।


