पटना. कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला चिकित्सक की निर्मम हत्या के बाद देशभर के डॉक्टरों में गुस्सा है. डॉक्टर लगतार अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. वहीं इसी बीच पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल ने बड़ा फैसला लिया है.


IGIMS के डॉक्टरों का कहना है कि महिला चिकित्सक, नर्सें और महिला स्वास्थ्य कर्मी सरकार के भरोसे काम नहीं करेंगे. सरकार डॉक्टरों को सुरक्षा मुहैया कराए या नहीं. लेकिन, अब महिला चिकित्सक और नर्सें मार्शल आर्ट यानि कराटे की ट्रेनिंग लेकर खुद मनचलों को जवाब देंगी.

IGIMS प्रबंधन के अनुसार 16 अक्टूबर से ही इसको लेकर प्रशिक्षण शुरू हो रहा है. डेमो के दौरान अस्पताल के सीनियर और जूनियर डॉक्टर्स भाग लेंगे. ये राज्य का पहला ऐसा अस्पताल होगा जहां महिला स्वास्थ्य कर्मियों और महिला चिकित्सकों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना और छेड़छाड़ से खुद को बचा सके और मनचलों को मुंहतोड़ जवाब दे सके.



अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मनीष मंडल की अनुसार इसको लेकर ट्रेनर फाइनल कर दिए गए हैं और अलग अलग शिफ्ट में रोजाना डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जाएगी.

कोलकाता मामले को लेकर डॉक्टरों में आक्रोश
बता दें, कोलकाता में महिला डॉक्टर की हत्या के बाद IMA के आह्वान पर फिर से मंगलवार को देशभर में सीनियर और जूनियर डॉक्टरों ने धरना दिया. डॉक्टर किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं देने से नाराज हैं. डॉक्टरों ने साफ कहा कि आए दिन मरीज के परिजन हो या अपराधी निशाने पर चिकित्सक होते हैं.

लेकिन, सुरक्षा को लेकर अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है. ऐसे में IGIMS की यह पहल महिला चिकित्सकों के लिए वरदान होगा. साथ ही मनचलों और दरिंदों के भीतर खौफ भी पैदा करेगा. हालाकि अब देखना होगा कि IGIMS के बाद अब कौन-कौन अस्पताल ऐसी पहल शुरू करते हैं.


