पटना: बिहार में तीस जिले इस बार बाढ़ से प्रभावित हुए थे. बड़ी संख्या में बाढ़ पीड़ितों की सरकार ने मदद की है. बिहार सरकार द्वारा 605 करोड़ रुपए बाढ़ पीड़ितों के लिए खर्च किये गये हैं.

आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने शुक्रवार 18 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सभी बाढ़ पीड़ित को 7000 रुपए के हिसाब से सहायता राशि दी गयी है. बाढ़ से कितनी क्षति बिहार में हुई है इसका आकलन करने ही केंद्रीय टीम यहां पर पहुंच रही है.

बाढ़ से क्षति का आकलन करेगी केंद्रीय टीम
संतोष सुमन ने कहा कि 20 अक्टूबर को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव पार्थ सारथी आ रहे हैं. वो अपनी सात सदस्यीय टीम के साथ आ रहे हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे.

दो दिनों के बाद उनके साथ हम लोग बैठक करेंगे. उसके बाद फिर जो हमारी मांग है उस मांग को उनके सामने रखेंगे. मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से 3638.5 करोड़ रुपए मांगे हैं, जिससे बाढ़ पीड़ितों की सहायता की जा सके.


खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का
संतोष सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साफ-साफ कहना है कि बिहार के खजाना पर पहला हक आपदा से पीड़ित लोगों का है. इस आधार पर हम लोग लगातार काम कर रहे हैं.

निश्चित ही बहुत जल्दी वैसे लोगों को डीबीटी के माध्यम से हम लोग राशि देने का काम करेंगे, जिनके घर द्वार टूट गये हैं या जिनके यहां बाढ़ से पशु की मौत हुई है, इसका आकलन हम लोग कर रहे हैं.

गरीबों के लिए है शराबबंदी कानून
बिहार के सिवान, गोपालगंज और छपरा में जहरीली शराब पीने से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है. इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संतोष मांझी ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है.

जिस तरह से शराब की तस्करी हो रही है और शराब बेची जा रही है उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि लोगों को भी जागरूक रहने की जरूरत है. उन्होंने बिहार में शराबबंदी को सही बताया. कहा कि गरीबों के लिए ही बिहार में शराबबंदी कानून लागू की गयी है.
