करवा चौथ का वास्तविक नाम कड़क चतुर्थी है. इस साल करवा चौथ पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जिनमें चंद्रमा उच्चस्थ है, पूर्ण चंद्र है, चंद्रमा अपने उच्च राशि में है, सूर्य और बुध का तुला राशि में होने से बुधादित्य योग बन रहा है, वृहस्पति और चंद्र युक्त होने से गजकेसरी योग बन रहा है और राज्यों कारक योग भी बन रहा है.

इस दिन सुहागिन महिलाएं चंद्रोदय के बाद अपने पति की पूजा करेंगी और व्रत का पूजन कार्य संपादन करेंगी. करवा चौथ पति-पत्नी के बीच प्रेम और संबंध को मजबूत बनाने में मदद करता है.

करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सुबह स्नान करें और व्रत की शुरुआत करें, दिनभर उपवास रखें, चंद्रोदय के बाद पति की पूजा करें, व्रत का पूजन कार्य संपादन करें और पति के पैर छूकर आशीर्वाद लें.


करवा चौथ का व्रत करने से पति की दीर्घायु और स्वास्थ्य की कामना की जाती है. यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम और संबंध को मजबूत बनाने में मदद करता है.इस वर्ष करवा चौथ अद्भुत संयोग के साथ मनाया जाएगा, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाएगा. सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए व्रत करेंगी और चंद्रोदय के बाद पूजन कार्य संपादन करेंगी.


करवा चौथ इस वर्ष अद्भुत संयोग के साथ मनाया जाएगा. सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए व्रत करेंगी और चंद्रोदय के बाद पूजन कार्य संपादन करेंगी. यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम और संबंध को मजबूत बनाने में मदद करता है.


