गया: बिहार के गया में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का पिछले एक दशक से दिसंबर के महीने में आगमन और टीचिंग कार्यक्रम होता आ रहा है. लेकिन इस साल दलाई लामा के बोधगया आगमन को लेकर थोड़ा संशय बना हुआ है. कई सालों से उनके आगमन का शेड्यूल अक्टूबर-नवंबर महीने में ही तैयार हो जाता था. वहीं इस बार अभी तक शेड्यूल तैयार नहीं हुआ है.

दलाई लामा के आगमन पर संशय
तिब्बती मंदिर के संचालक आमजी बाबा का कहना है कि 15 दिसंबर तक शेड्यूल आ सकता है. अगर इस तारीख तक शेड्यूल नहीं आता है, तो फिर दलाई लामा का बोधगया आगमन और प्रवास संभव नहीं हो सकेगा. फिलहाल वो सभी लोग बड़ी अपेक्षा से दलाई लामा के बोधगया आगमन का इंतजार कर रहे हैं.
इंतजार में देश-विदेश के बौद्ध श्रद्धालु
गौरतलब हो कि पिछले कई सालों से बौद्ध धर्मगुरु दिसंबर के महीने में बोधगया में प्रवास करते रहे हैं. बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा का स्थाई प्रवास धर्मशाला होता है. अभी तक धर्मशाला से कोई शिड्यूल बोधगया स्थित तिब्बती मंदिर को नहीं आया है. बौद्ध धर्मगुरु बोधगया के तिब्बती मंदिर में ही प्रवास करते हैं.
एक दशक से यहां होता है दलाई लामा का प्रवास
भगवान बुद्ध की ज्ञान भूमि बोधगया को बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा पिछले एक दशक से लगातार आ रहे हैं. इस साल भी देश-विदेश से आए बहुत सारे श्रद्धालुओं को उनके आने का बेसब्री से इंतजार है. बोधगया प्रवास के दौरान दिसंबर महीने में ही बौद्ध धर्मगुरु प्रवचन देते हैं, जिसमें लाखों की तादाद में बौद्ध श्रद्धालु शामिल होते हैं.

अब तक जारी नहीं हुआ शेड्यूल
बोधगया स्थित तिब्बती मंदिर को बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा के संबंध में जानकारियां मिलती है. बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के आगमन-प्रस्थान को लेकर सारी जानकारियां यहां होती है. हालांकि इस साल अभी तक कोई शेड्यूल नहीं आया है. इस संबंध में तिब्बती मंदिर के संचालक आमजी बाबा बताते हैं कि शेड्यूल नहीं बना है. वे हर साल आते हैं, तो अक्टूबर-नवंबर में ही शिड्यूल तैयार हो जाता है. इस बार धर्मशाला से शेड्यूल नहीं बना है.

दलाई लामा के नहीं आने से टूट सकती है पर्यटन सीजन की कमर
15 दिसंबर को ही यह स्पष्ट हो पाएगा बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा बोधगया प्रवास करेंगे या नहीं. वहीं इस संबंध में टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन बिहार के अध्यक्ष राकेश कुमार बताते हैं कि इस बार शेड्यूल नहीं आने से उम्मीद टूट रही है. अगर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा नहीं आए, तो इस पर्यटन सीजन की कमर टूट सकती है. कई तरह के व्यवसाय को बड़ा झटका लग सकता है. देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालु भी थोड़े निराश हो सकते हैं.

