बिहार के बेगूसराय में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बीपीएससी शिक्षक की जबरदस्ती शादी करवा दी गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जिनेंदपुर पंचायत का है। लोगों ने बीपीएससी शिक्षक अवनीश कुमार की एक मंदिर में जबरन शादी करवा दी। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कुछ लोग जबरन अवनीश कुमार के हाथ से लड़की की मांग भरवा रहे हैं। अवनीश रो-रोकर लोगों से गुहार लगा रहा लेकिन किसी ने उसकी एक सुनी और उसकी जबरदस्ती शादी करवा दी।
नौकरी लगते ही बदल गया अवनीश
इधर, लड़की पक्ष का कहना है कि रजौड़ा सिकंदरपुर निवासी अवनीश कुमार और उनकी बेटी का लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शिक्षक बनने के बाद अवनीश कुमार ने शादी से मना कर दिया। लड़की का कहना है कि वह एएनएम की ट्रेनिंग ले रही है। अवनीश और उसकी बात पिछले चार साल से हो रही थी। वह दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे। अवनीश की जब तक नौकरी नहीं लगी थी तब तक सबकुछ ठीक चल रहा था। लेकिन, नौकरी लगने के बाद वह बदल गया। शादी की बात करने पर टालने लगता था।

कई बार उसे होटल में भी बुलाया
युवती ने आरोप लगाया कि अवनीश कुमार ने कई बार उसे होटल में भी बुलाया गया था। 10 दिन पूर्व भी अवनीश कुमार ने उसे अपने स्कूल पर बुलाया था। यहां जब मैंने फिर से शादी की बात कही तो उसने इनकार कर दिया। गुरुवार शाम अवनीश कुमार मुझसे मिलने आया था। हमलोग एक-दूसरे से बातचीत कर ही रहे थे कि अचानक ग्रामीणों वहां पहुंचे और दोनों को पकड़ दिया। इसके बाद एक मंदिर में जबरन करवा दी। इधर, इस मालमे में अभी तक किसी भी पक्ष के द्वारा पुलिस में शिकायत नहीं की गई है। हालांकि, पुलिस जांच में जुट गई है। शादी के बाद युवती महिला थाना पहुंची है।
कोर्ट ने पकड़ौआ विवाह को अमान्य बताया था
पकड़ौआ विवाह बेगूसराय में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि फिर से पकड़ौआ विवाह का सिलसिला शुरू हो गया है। 80 और 90 के दशक में इस तरह की घटनाएं होती थी। कई लोगों की जिंदगी इस जबरिया शादी के कारण बर्बाद हो गई। कुछ माह पहले वैशाली में इसी तरह का मामला सामने आया था। बीपीएससी की परीक्षा पास शिक्षक बने युवक का पकड़ौआ विवाह करवा दिया गयाा था।
पिछले साल एक केस की सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने पकड़ौआ शादी को अमान्य बताया था।कहा है कि जबरदस्ती की गई शादी मान्य नहीं होगी। बंदूक की नोंक पर मांग भरना शादी नहीं कहलाएगी। यानी किसी भी महिला की मांग में जबरन सिंदूर लगाना हिन्दू कानून के तहत शादी नहीं है। जब तक दूल्हा और दुल्हन पवित्र अग्नि के चारों फेरे नहीं ले या दोनों के बीच सहमति न हो, तब तक शादी वैध नहीं मानी जाएगी।





