पटना: बिहार में चुनावी साल में खरमास समाप्ति के बाद कई नेताओं के पाला बदलने की तैयारी हो रही है. कभी जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे मंगली लाल मंडल एक बार फिर से आरजेडी में वापसी करने वाले हैं. 24 जनवरी को वह आरजेडी में शामिल होने वाले हैं.

संकट में जगदानंद की कुर्सी!
आरजेडी में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर भी कई तरह की चर्चा है और मंगनी लाल मंडल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा हो रही है. इस पर मंगनी लाल मंडल का कहना है कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है.पिछले कुछ समय से आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की नाराजगी की खबरें भी सामने आ रही हैं. वहीं बहुत जल्द उनकी प्रदेश अध्यक्ष पद से छुट्टी होने के कयास भी लगाए जा रहे हैं.

चुनावी साल में बढ़ेगी सरगर्मी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए लगभग 8 महीने का समय अब शेष रह गया है. चुनावी साल में कई नेता पाला बदलते हैं और अब खरमास की समाप्ति के साथ कई नेताओं के पाला बदलने की तैयारी हो रही है.

पॉलिटिकल एक्सपर्ट की राय
राजनीतिक विशेषज्ञ भोलानाथ का कहना है कि खरमास की समाप्ति के साथ ही बिहार में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ेगी. क्योंकि चुनावी साल है नेता अपने लिए सीट सुरक्षित करना चाहेंगे या फिर उस पार्टी में जाना चाहेंगे, जहां उनकी राजनीतिक पारी आगे बढ़े. मंगनी लाल मंडल फिर से आरजेडी में जाने वाले हैं.
मंगनी लाल की JDU से नाराजगी का कारण
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार ने मंगनी लाल मंडल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया था. मंगनी लाल मंडल आरजेडी से जेडीयू में आए थे. उस समय नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी थी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था. पार्टी के महत्वपूर्ण बैठक में भी उनकी बड़ी भूमिका होने लगी थी.
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से हटाए जाने से मंगनी लाल मंडल लोकसभा चुनाव के दौरान ही काफी खफा थे. झंझारपुर के जेडीयू उम्मीदवार को हराने की कोशिश भी की थी. हालांकि उसमें उन्हें सफलता नहीं मिली. लेकिन अब जेडीयू छोड़ आरजेडी में जाने का फैसला ले लिया है.

RJD के केदार सिंह थामेंगे JDU का तीर!
वहीं आरजेडी के बनियापुर के विधायक केदार सिंह का कहना है जहां उनके बड़े भाई रहेंगे उनका भी ठिकाना वही रहेगा. पिछले साल ही केदार सिंह के भतीजा और प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह जेडीयू में शामिल हो चुके हैं और उस समय से चर्चा है कि केदार सिंह भी जदयू में आएंगे. अब साफ संकेत दे रहे हैं कि जेडीयू में जल्द ही शामिल होंगे . नीतीश कुमार के सिग्नल मिलते ही जेडीयू का दामन थाम लेंगे.
JDU के जगदीश शर्मा और राहुल शर्मा बदल सकते हैं पाला
लोकसभा चुनाव में जगदीश शर्मा और राहुल शर्मा को लेकर भी जेडीयू में काफी विवाद हुआ था. जहानाबाद में जेडीयू के उम्मीदवार के चुनाव हारने के बाद अशोक चौधरी ने जो बयान दिया था, उसके कारण यह चर्चा थी कि राहुल शर्मा भी जेडीयू छोड़ेंगे.

सीट को लेकर है नाराजगी
हालांकि राहुल शर्मा का कहना है कि अभी तो एनडीए में हैं. लेकिन घोसी से हर हाल में विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में देखना है कि जब राहुल शर्मा को विधानसभा चुनाव में जदयू के तरफ से टिकट नहीं मिलता है तो क्या फैसला लेते हैं क्योंकि लोकसभा का चुनाव भी लड़ना चाहते थे. लेकिन टिकट नहीं मिला और उस समय से उनकी नाराजगी की बात आ रही है.

राजनीतिक ‘घर’ बदलने में नागमणि का भी नाम
पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि कई बार पाला बदल चुके हैं. कभी जेडीयू तो कभी आरजेडी तो कभी उपेंद्र कुशवाहा के साथ भी राजनीति की है. अब प्रशांत किशोर के साथ पारी खेलना चाहते हैं. प्रशांत किशोर से उनकी बातचीत भी हुई है. नागमणि का कहना है कि हम लोगों की भी पार्टी है और हम लोगों ने बातचीत की है. अब प्रशांत किशोर की तरफ से जो पहल होगी, उसके हिसाब से फैसला लेंगे. क्योंकि बिहार में लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार से लोग ऊब चुके हैं, नया विकल्प चाहते हैं.