नीट-यूजी परीक्षा धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने कसा शिकंजा, बिहार के पूर्णिया में हुआ था बड़ा ‘मुन्नाभाई’ फर्जीवाड़ा

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बिहार के पूर्णिया में चार नीट-यूजी, 2024 उम्मीदवारों द्वारा कथित रूप से नकल करने के संबंध में एक नया मामला दर्ज किया है. इसे लेकर सीबीआई की ओर से 15 जनवरी को यह कार्रवाई की गई है। केन्द्रीय जांच एजेंसी ने राज्य सरकार के अनुरोध पर बिहार पुलिस से मामले को अपने हाथ में ले लिया।

मामले में दर्ज एक एफआईआर के अनुसार पिछले साल 5 मई को आयोजित प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा के केंद्रों में से एक एसआरडीएवी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल ने आरोप लगाया है कि उम्मीदवारों के बायोमेट्रिक्स से पता चला है कि असली उम्मीदवारों के बजाय चार नकलची परीक्षा दे रहे थे ।

एफआईआर के अनुसार, भोजपुर के नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर के आशीष कुमार की जगह परीक्षा दी, जालौर (राजस्थान) के कमलेश कुमार ने सीवान के धीरज प्रकाश की जगह, बेगूसराय के सौरभ कुमार ने सीतामढ़ी के तथागत कुमार की जगह और सीतामढ़ी के मयंक चौधरी ने मुजफ्फरपुर के दीपक कुमार सिंह की जगह परीक्षा दी।

सीबीआई ने सभी आठ लोगों के खिलाफ कथित नकल, धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा सरकारी और निजी संस्थानों में MBBS, BDS, आयुष और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।

 

यह परीक्षा 5 मई, 2024 को 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें 14 विदेशी शहर भी शामिल थे। इस परीक्षा में 23 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। बिहार पुलिस ने कथित तौर पर पेपर लीक होने की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की और जल्द ही यह एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदल गया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी, जिसने बिहार सहित विभिन्न राज्यों से जांच अपने हाथ में लेते हुए मामले में कई एफआईआर दर्ज की थीं। एजेंसी ने पिछले साल 23 जून को मामले में पहली एफआईआर दर्ज की थी।

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