प्रत्येक साल की तरह इस साल भी हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मना रहे होंगे. देश अपने संविधान पर गर्व कर रहा होगा वहीं अपनी संस्कृति का अनुसरण भी.राजधानी दिल्ली में उस दिन कई सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. जो बेहद खास होगा. इस दौरान देश के अलग अलग राज्यों की संस्कृति,विरासत और सौंदर्य प्रस्तुत किए जाएंगे. इन्हीं में से एक होगा अपना बिहार.

कुल 8 साल बाद बिहार की झांकी दिल्ली में देखने को मिलेगी. इस दौरान भगवान बुद्ध शांति का संदेश लेकर देशवासियों के बीच पहुंचेंगे.तस्वीर में दिख रही झांकी ही दिल्ली के परेड में दिखेगी.

इस बार की झांकी को विशेष तरीके से सजाया गया है. इसे विश्व शांति स्तूप के आकार में आकर्षक तरीके से बनाया गया है. इसके अलावा जब आप राजगीर के घोड़ाकटोरा झील की तरफ जाएंगे तो वहां भी भगवान बुद्ध की ऐसी ही प्रतिमा लगी हुई है .इस तस्वीर के माध्यम से भगवान बुद्ध की तपस्या,बौद्ध धर्म से जुड़े शांति संदेश और बिहार की गौरवमई गाथा का जिक्र किया गया है.

बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत प्राचीन है. इस झांकी में शांति के प्रतीक भगवान बुद्ध के अलावा प्राचीन नालन्दा विश्वविद्यालय के भग्नावशेषों को भी दर्शाया गया है.

झांकी में दिख रही यह तस्वीर भगवान बुद्ध की मूर्ति राजगीर स्थित घोड़ा कटोरा जलाशय के तर्ज पर ली गई है.यहां प्रतिवर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है.इस मूर्ति को वर्ष 2018 में एक ही पत्थर से 70 फीट ऊंचा बनाया गया, और इसके साथ ही घोड़ा कटोरा झील का विकास इको टूरिज्म के क्षेत्र में बिहार सरकार का महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है.

