भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्णकालिक आम बजट प्रस्तुत किया। यह उनका आठवां बजट था, जिसे उन्होंने लोकसभा में पेश किया। बजट में वित्त मंत्री ने छात्रों पर खास नजर रखी है। बजट 2025 पेश करते हुए, वित्त मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि सरकार का मुख्य फोकस ‘GYAN’ पर रहेगा, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत ने बहुआयामी विकास किया है, और सरकार का लक्ष्य सबके विकास पर केंद्रित है। इसके साथ ही, मध्यम वर्ग की खपत को बढ़ाने और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण घटती वैश्विक वृद्धि को संतुलित करने पर जोर दिया गया है।

मुख्य फोकस
बजट 2025 के प्रमुख फोकस क्षेत्र- विकास को गति देना, सुरक्षित और समावेशी विकास, निजी निवेश को बढ़ावा देना, घरेलू खर्च को प्रोत्साहित करना और भारत के उभरते मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को सशक्त बनाना।

शिक्षा क्षेत्र में सुधार और नई योजनाएं
बजट 2025 में स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं- सरकारी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जाएंगी, जिससे प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्तर के छात्रों को नवाचार और तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा। भारतीय पुस्तक योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत भारतीय भाषाओं में डिजिटल किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा मिलेगा। IITs में छात्र संख्या में वृद्धि: 2023 के बाद से IIT में नामांकन बढ़ा है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की व्यवस्था की जाएगी। 5 IIT में 6,500 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी। 23 IIT में छात्रों की संख्या दोगुनी होगी।

AI सेंटर खुलेंगे
साथ ही IIT पटना को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। स्किल डेवलपमेंट सेक्टर में सुधार के लिए 5 नए स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। AI शिक्षा के लिए 500 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया जाएगा, जिससे AI एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएंगे। 3 AI सेंटर खोले जाएंगे।

मेडिकल और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
7500 अतिरिक्त मेडिकल सीटें जोड़ी जाएंगी, जो सभी जिला अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। गिग वर्कर्स को परिचय पत्र दिया जाएगा, जिससे वे स्वास्थ्य सुविधाओं और पीएम योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

स्टार्टअप्स और उद्यमिता को बढ़ावा
सरकार 10,000 करोड़ रुपये के योगदान से स्टार्टअप्स के लिए फंड स्थापित करेगी। महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों को पहली बार 2 करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। छोटे कारोबारियों को 5 करोड़ रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

समग्र दृष्टिकोण
बजट 2025 में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप, उद्यमिता और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाने, छोटे व्यवसायों को समर्थन देने और भारत को नवाचार व उन्नत शिक्षा के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।