पथ निर्माण विभाग का एक्जीक्यूटिव इंजीनियर काम से पहले 40 प्रतिशत मांगता है कमीशन.. CM नीतीश को लिखी चिट्ठी

फर्जी चालान पर करोड़ों का भुगतान करने का एक मामला पथ निर्माण विभाग में उजागर हुआ है. अब इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है. इसमें विभाग के इंजीनियरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार के इस पूरे खेल को खेलने का आरोप लगाया गया है.पूर्व विधायक ललन पासवान ने  भ्रष्टाचार के इस मामले में शिकायती पत्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा है.  पथ निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार का यह मामला पथ प्रमंडल गया-1 बताया गया है.

ललन पासवान ने अपने शिकायती पत्र में रोहतास जिले के कोचस पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुरेन्द्र नारायण को लेकर कई प्रकार के गंभीर आरोप लगाए हैं. इसमें कहा गया है कि कोचस में पद स्थापन के बाद से सुरेन्द्र नारायण यहां अपने आवास में एक दिन भी नहीं रहे हैं. इतना ही नहीं वे प्रतिदिन पटना से आना-जाना करते हैं. वहीं वाहन भत्ता के तौर पर हर महीने डीजल आपूर्ति का पैसा फर्जी तरीके से बनाते हैं.

अपने आरोप में ललन पासवान ने सुरेन्द्र नारायण के मोबाइल लोकेशन की जाँच करने की मांग की है जिससे उनके मुख्यालय में रहने और अनुपस्थित रहने दोनों का पता चल सकेगा. साथ ही ओपीआरएमसी में भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. इसमें संवेदकों को जबरन धमका कर सुरेन्द्र नारायण अपने सहायक अभियंताओं, कनीय अभियंता द्वारा उगाही कर रहे हैं. वहीं जो कनीय अभियंता सहायक अभियंता उनकी बात नहीं सुनता उनका वेतन रोक लिया जाता है. काम के पूर्व ही 40 प्रतिशत कमीशन मांगा जाता है. वहीं एक कंपनी की गाड़ी को अपने लिए उपयोग कर सरकारी डीजल और पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है.

डरा-धमकाकर वसूली

ललन पासवान ने दावा किया कि इतना ही नहीं जिन सडकों का काम समाप्त हो चुका है उनके संवेदकों से भी डरा-धमकाकर वसूली किया जा रहा है. ललन पासवान ने कहा कि है कि सुरेन्द्र नारायण की इस मानसिकता के कारण  ऐसी स्थिति में यहां कर्मचारी/पदा. कनीय अभियता, सहायक अभिधता विभाग का काम करने में भयभीत और आतंकित हैं.

सम्पत्ति की हो जांच

मुख्यमंत्री को 29 नवम्बर 2024 को लिखे अपने पत्र में ललन पासवान ने  कार्यपालक अभियंता सुरेन्द्र नारायण की वैध/अवैध चल-अचल संपति की जांच की मांग की है.  साथ ही तत्काल प्रभाव से सुरेन्द्र नारायण को कोचस प्रमंडल से हटाने का अनुरोध किया ताकि विकास बाधित नहीं हो सके और यहां के कर्मधारी / पदाधिकारी भय मुक्त होकर काम कर सकें.

मुख्यमंत्री सचिवालय ने दिया जांच का निर्देश 

ललन पासवान के शिकायती पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव मनोज कुमार ने 16 दिसंबर 2024 को पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच करने और रिपोर्ट देने को कहा. वहीं बाद में 30 जनवरी 2025 को पथ निर्माण विभाग के दक्षिण बिहार के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा गया. इस बीच 10 फरवरी 2025 को मुख्य अभियंता दक्षिण बिहार ने अपने अधीनस्थ अधीक्षण अभियंता भोजपुर अंचल को पत्र लिखा और आरोपों की जांच करने को कहा है.

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