गुड न्यूज! बिहार के गांवों में बनेंगे 600 से ज्यादा पुल, DPR तैयार

बिहार के ग्रामीण इलाकों में पुल-पुलिया का निर्माण होगा। ग्रामीण कार्य विभाग ने 613 पुल-पुलियों की डीपीआर तैयार कर ली है। जल्द ही इसे राज्य कैबिनेट के समक्ष ले जाया जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसका टेंडर जारी हो जाएगा। विभाग का प्रयास है कि बरसात अवधि से पहले यानी जून तक इन पुल-पुलियों का टेंडर हो जाए। अधिकतम दो-ढाई वर्षों में इन पुलों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार बीते वर्ष राज्य कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना की मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में एक हजार पुल-पुलिया का निर्माण होना है। विभाग ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में कम से कम 600 पुलों का निर्माण करने की योजना बनाई थी। इस मद में तीन हजार करोड़ खर्च करने का लक्ष्य तय किया गया, जबकि अगले साल 400 पुलों का निर्माण होगा।

पुल-पुलिया बनाने का मकसद ग्रामीण इलाकों में लोगों को निर्बाध सम्पर्कता प्रदान करना है। राज्य के कई इलाकों में पहले से बने पुल जर्जर हो गए हैं। उसके बदले नए पुल का निर्माण होगा। पूर्व से बनी सड़कों में भी पुल गायब (ब्रिज मिसिंग) है। वहां भी पुल-पुलिया का निर्माण होगा, जबकि पुल के अभाव में कुछ बसावट में सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। वैसे इलाकों में भी सीएम ग्रामीण सेतु योजना के तहत पुल-पुलियों का निर्माण किया जाएगा।’

विभाग ने मोबाइल एप से डीपीआर तैयार की

विभाग ने 35 जिले में बनने वाले 613 पुलों की डीपीआर तैयार कर ली है। इसकी कुल लंबाई 25 हजार 294 मीटर है। विभाग ने मोबाइल एप से डीपीआर तैयार किया है। इंजीनियरों को कहा गया है कि वे डीपीआर परामर्शी से सम्पर्क कर यथाशीघ्र सर्वेक्षण कार्य प्रारम्भ सुनिश्चित करें।

जिन इलाकों में अभी डीपीआर तैयार नहीं हुआ है, वहां कार्यस्थल पर अनिवार्य तौर पर मिट्टी जांच करने को कहा गया है। पुलों की डीपीआर तैयार करते समय अप-स्ट्रीम एवं डाउन स्ट्रीम में अवस्थित पुलों के रूपरेखा के अनुरूप ही प्राक्कलन तैयार करने को कहा गया है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading