पूर्णिया: बिहार में मखाना बोर्ड का गठन होना है. सोमवार को बिहार दौरे पर पहुंच रहे पीएम मोदी इसकी घोषणा कर सकते हैं. इसी बीच पूर्णिया में पप्पू यादव के समर्थकों ने हल्ला बोल अभियान के तहत दुकानें बंद करायी. कहा कि बिहार में अगर मखाना बोर्ड बनेगा तो उसका कार्यालय पूर्णिया होगा. ऐसा नहीं हुआ तो हमलोग किसानों के साथ सड़क पर उतरेंगे.

पप्पू यादव ने की थी घोषणा
बता दें कि पूर्णिया में मखाना बोर्ड कार्यालय स्थापित किए जाने की मांग को लेकर पप्पू यादव ने पूर्णिया और कटिहार में सांकेतिक बंद की घोषणा की थी. इसी को लेकर समर्थक सड़क पर उतरे और खुली दुकान को बंद करवाया. पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह चौकस दिखाई दी.

बाजार में बंद करायी दुकान
समर्थकों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. शहर के आरएन शाह चौक से मुख्य बाजार, भट्ठा बाजार, बस स्टैंड होते हुए पॉलिटेक्निक झंडा चौक, खीरू चौक, लाइन बाजार की दुकानें बंद कराई. प्रदर्शन को देखते हुए सब्जी बाजार के दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद कर दी.

किसानों के साथ करेंगे प्रदर्शन
इसको लेकर सांसद प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी राजेश यादव भी मौजूद रहे. कहा कि सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया में मखाना बोर्ड का कार्यालय स्थापित करने की मांग की थी. इसी के समर्थन में हल्ला बोल कार्यक्रम चलाया गया है. सरकार को हमारी मांग माननी पड़ेगी नहीं तो आगे किसानों के साथ प्रदर्शन करेंगे.

सदन में दिखाएं एकजुटता
समर्थकों ने कोसी सीमांचल के सांसदों से आग्रह किया कि मखाना बोर्ड के गठन के लिए 10 मार्च को सदन में एक साथ खड़े हों. मखाना की खेती से लेकर फोड़ी और भूंजने के लिए मजदूर पूर्णिया और कटिहार से आते हैं. इससे साफ जाहिर है कि बीजेपी के लोग सीमांचल और कोसी के मखाना किसानों मजदूरों से दुर्भावना रखते हैं. पहले ऐम्स और अब मखाना बोर्ड को सीमांचल से शिफ्ट करने की साजिश रच रहे हैं.
