स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार लाने तथा मरीजों को सरकारी मानदंड के अनुरूप अस्पतालों में इलाज एवं अन्य सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण उपलब्ध कराने के निमित्त जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सिविल सर्जन अस्पताल अधीक्षक तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बीएचएम एवं बीसीएम के साथ बैठक की तथा आवश्यक निर्देश दिया।

संपूर्ण टीकाकरण की प्रखंडवार समीक्षा में पाया गया कि मरवन 81%,बंदरा 89%, मुसहरी 91% है 93% कुरानी 94% कटरा 95% सरैया 96% गायघाट 96% मोतीपुर 98% सकरा 98% उपलब्धि रहा। जबकि कांटी का 110%, साहेबगंज 107%, पारु 105%, औराई 103%, मुजफ्फरपुर शहरी 100%, मुरौल 100% उपलब्धि रहा। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहे तथा छूटे नहीं, इसका विशेष ध्यान देने को कहा। सभी बीएचम एवं बीसीएम को 100% उपलब्धि प्राप्त करने का सख्त निर्देश दिया।

एएनसी के लिए निबंधित गर्भवती महिलाओं की प्रखंडवार स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि पारु 99% सकरा 99% मोतीपुर 101% औराई 102% सरैया 102%, औराई 102 %, गायघाट 102%, कांटी 104% है। जबकि सदर अस्पताल 215% मुरौल 202% मुसहरी 128%, साहेबगंज 124%, कटरा 124%, मीनापुर 114% बोचहा 110% कढनी 108% है।

पहले त्रैमासिक एएनसी की प्रखंड वार समीक्षा में पाया गया की गायघाट 82% ओढ़नी 86% भद्रा 86% औराई 88% पारु 89% साहिबगंज 90% 91% मारवान 91% मोतीपुर 91% कांति 92% सकरा 92% सदर अस्पताल 96% कटरा 98% मोरल 99% सरैया 99% मीनापुर 102% मुसहरी 106% उपलब्धि रहा। जिलाधिकारी ने 90% से कम उपलब्धि वाले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रखंड 100% से कम नहीं रहेगा। एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान में भी तेजी लाने तथा आवश्यक सुधार लाने का निर्देश दिया।

इसी प्रकार से लैब टेस्ट, रेडियोलॉजी एक्स रे, संस्थागत प्रसव, ओपीडी, आईपीडी, दवा वितरण, परिवार नियोजन,सिजेरियन आपरेशन,एएनएम के कार्य आदि की समीक्षा कर आवश्यक सुधार लाने का निर्देश दिया।

बैठक में आईसीडीएस द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में फरवरी माह में 44 बच्चों को भेजा गया है। जिलाधिकारी ने व्यवस्था में उत्तरोत्तर सुधार लाने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना की समीक्षा में पाया गया कि सकरा 71% बंदरा 81% बोचहा 114% की उपलब्धि है।

जिलाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को हर हाल में 100% उपलब्धि प्राप्त करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने परवरिश योजना तथा कन्या उत्थान योजना में भी आवश्यक सुधार लाने का निर्देश दिया।

इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केदो में पेयजल की आपूर्ति हेतु नल जल की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति की जानकारी हेतु सभी सीडीपीओ को अपनी अपनी परियोजना के अंतर्गत नल जल की स्थिति की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया साथ ही पीएचईडी के मुजफ्फरपुर एवं मोतीपुर डिवीजन के कार्यपालक अभियंता को भी अपने स्तर से 25-25 केंद्रो का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार, डीपीओ आईसीडीएस, डीपीएम हेल्थ,सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सभी बीएचएम, सभी बीसीएम आदि उपस्थित थे।