बिहार की राजनीति में हो गई निशांत कुमार की एंट्री! तेजस्वी और चिराग के लिए बनेंगे खतरा?

पटना: बिहार की राजनीति में एक और युवा की एंट्री हो रही है. जेडीयू ने सियासत की पिच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उतराने की तैयारी कर ली है. वह सीएम के इकलौते बेटे हैं. 45 साल के निशांत की पॉलिटिकल एंट्री की पटकथा लिखी जा चुकी है. होली के मौके पर तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं से उनकी औपचारिक रूप से मुलाकात कराई गई. तमाम कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.

राजनीति में हो गई निशांत कुमार की एंट्री?: निशांत कुमार जहां जेडीयू के लिए जरूरी हैं, वहीं एनडीए की मजबूरी भी हैं. जनता दल यूनाइटेड फिलहाल नीतीश कुमार के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है लेकिन पार्टी अब सेकंड लाइन लीडरशिप डेवलप करना चाहती है.

इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र को आगे किया जा रहा है. अब तक राजनीति से तौबा करने वाले निशांत राजनेताओं से मिल रहे हैं और राजनीतिक मुद्दों पर बात कर रहे हैं. एक तस्वीर यह बताने के लिए काफी है कि किस तरीके से विजय चौधरी और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के कंधे पर हाथ रखकर निशांत आगे बढ़ रहे हैं.

निशांत का नेतृत्व बड़े नेताओं को भी मंजूर: नीतीश कुमार अपनी उम्र के ढलान पर हैं और राजनीति में अब वह लंबी पारी नहीं खेल सकते. ऐसे में जेडीयू के सामने चुनौती यह है कि नीतीश की राजनीतिक विरासत को आगे कौन बढ़ाएगा, किसके नेतृत्व में पार्टी नीतीश कुमार के बाद एकजुट रह पाएगी और किसके नाम पर वोट बैंक में विखराव नहीं होगा? मंथन के बाद निशांत का नाम सर्वसम्मति से सामने आया और तमाम नेताओं ने निशांत को स्वीकार करने के संकेत भी दे दिए हैं.

युवा आबादी वाला राज्य है बिहार: बिहार में 19 साल से लेकर 25 साल तक के बीच युवाओं की आबादी अच्छी खासी है. एक अनुमान के मुताबिक बिहार में लगभग 55 से 60% आबादी युवाओं की है. युवाओं की आबादी को देखते हुए राजनीतिक दल और नेता युवा चेहरे को आगे कर रहे हैं. ज्यादातर राजनीतिक दलों ने अपने दल के अंदर युवाओं को आगे किया है, अब जेीयू भी युवा नेता निशांत को आगे करने की तैयारी में है.

इंजीनियर निशांत पर जेडीयू को भरोसा: निशांत बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर चुके हैं और धार्मिक प्रवृत्ति के हैं. निशांत का मन पूजा-पाठ में अधिक लगता है और राजधानी पटना के मंदिरों में वह पूजा-पाठ करते देखे जा सकते हैं.

निशांत के मनोभाव में भी बदलाव आया है और उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है. वह नेताओं के बीच जा रहे हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा भी ले रहे हैं. पिछले जुलाई महीने से ही सिलसिला शुरू हुआ है.

जेडीयू दफ्तर में लगा स्वागत पोस्टर: निशांत कुमार की राजनीतिक पारी की शुरुआत के संकेत इस बात से भी समझ में आते हैं कि जेडीयू दफ्तर में एक पोस्टर लगा है, जिसमें उनका इस बार के लिए आभार जताया गया है कि उन्होंने बिहार के लोगों की अपील को स्वीकार कर लिया है और राजनीति में आने का फैसला कर लिया है. जेडीयू नेता राहुल खंडेलवाल का कहना है कि सभी लोग उत्साहित हैं और उनके नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading