बिहार में मौसम का मिजाज बदलते ही तेज बारिश के साथ आसमान से ओले गिरने लगे हैं. जिसके कारण लोगों को ठंडक का अहसास हुआ है, जबकि किसानों के बीच मायूसी छा गई है. बारिश और ओला गिरने से खेतों में लगे गेंहू की फसल बर्बाद होने की संभावना है.

बदल गया बिहार का मौसम: दरअसल पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के कारण बिहार में भी मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है. जिसकी वजह से गोपालगंज में अचानक आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश के साथ गिरे ओले ने फसलों को बर्बाद करना शुरू कर दिया है. मौसम में बदलाव से जहां लोग राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ किसानों की परेशानी बढ़ गई है.

बारिश और ओले से फसलों को भारी नुकसान: बता दें कि इसी तरह बारिश के साथ अगर ओले गिरते हैं तो किसानों की फसल को भारी नुकसान होगा. मक्के की पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी. आम और लीची की मंजरियों पर भी इसका असर पड़ेगा. मौसम विभाग द्वारा 13 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है.

पश्चिमी विक्षोभ का दिखेगा असर: इन दिनों एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के द्वारा 19 मार्च से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करने के आसार हैं.

जिसकी वजह से कई जिलों में बारिश होने की संभावना है. आने वाले 21 मार्च को पूर्णिया, कटिहार, पटना, बेगूसराय, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, गया, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, जहानाबाद, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और नालंदा में बारिश होने की संभावना है.

इन जिलों में होने वाली है बारिश: आने वाले 22 मार्च को भी कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. जिसके तहत लखीसराय, बेगूसराय, भागलपुर, बांका, अरवल, पटना, औरंगाबाद, शेखपुरा, जमुई, मुंगेर, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, बक्सर, खगड़िया, रोहतास, भभुआ और भोजपुर में बारिश होने की संभावना है. वहीं इसके बाद 23 मार्च को खगड़िया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, बांका, जमुई, मुंगेर, किशनगंज और भागलपुर में बारिश के साथ वज्रपात की संभावना जताई जा रही है.

आकाशीय बिजली का भी बढ़ा खतरा: वहीं आकाशीय बिजली की चपेट में आने का सबसे ज्यादा खतरा खेतों में काम करने वाले, पेड़ों के नीचे पनाह लेने वाले, खुले में घूमने वाले और तालाब में नहाने वाले लोगों को रहता है. ऐसे में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा लोगों के सतर्क रहने और सावधानी बरतने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं. इनका पालन करके आकाशीय बिजली की घटनाओं से बचा जा सकता है.